किसानों के समूह विशिष्ट फसलों का करें उत्पादनः डा. पॉल

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देहरादून ।देवभूमि खबर। राज्यपाल डा. केके पॉल ने कहा कि उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में कृषि को बढ़ाने के लिए ठोस प्रयास होने चाहिए, ताकि किसानों को रोजगार मिले और पलायन रुक सके। उन्होंने कहा कि कृषि उत्तराखंड में आर्थिक उन्नति लाने में सहायक हो सकती है। कहा कि राज्य में महिलाओं का रुझान भी कृषि की ओर है। कहा कि उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में पैदा होने वाली विशिष्ट फसलों को वृहद स्तर पर किसानों के समूहों द्वारा उत्पादित किया जाए तो यह उनके लिए वरदान हो सकता है। इस मौके पर विवि में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के लिए कविता बिष्ट को कुलाधिपति गोल्ड मेडल से नवाजा गया।
वह पंतनगर कृषि विश्व विद्यालय के 31 वें दीक्षांत समारोह में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। राज्यपाल ने कहा कि पंतनगर विवि के वैज्ञानिक ऐसी तकनीक विकसित करें, जिसका लाभ पर्वतीय क्षेत्रों के किसानों को मिल सके। उन्होंने कहा कि राज्य के पहाड़ी इलाकों में जल वायु के अनुसार सेब, कीवी, नाशपाती जैसे फल और दालों का उत्पादन बढ़ाना चाहिए। कहा कि पहाड़ के नामचीन फल काफल, अखरोट के उत्पादन को बढ़ावा दिया जाना चाहिए, ताकि राज्य आर्थिक दृष्टि से समृद्धशाली बन सके। कहा कि ईको फ्रेंडली उवर्रकों का प्रयोग करके जैविक खेती को बढ़ावा दिया जाए। कृषि मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि केंद्र सरकार 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने के लिए नीतियां बना रही है। कहा कि जब किसान खुशहाल होगा तो देश भी खुशहाल होगा। कहा कि इसमें पंतनगर विश्व विद्यालय को महत्वपूर्ण भूमिका निभानी होगी। कहा कि विवि की स्थापना विशेष उद्देश्यों के लिए की गई थी, जिनमें उच्च कोटि की शिक्षा के साथ साथ कृषि अनुसंधान व प्रसार द्वारा कृषि के चौमुखी विकास को गति देना है। कुलपति एके मिश्रा ने कहा कि पंतनगर विवि अपने नाम के अनुरूप किसानों के हित में काम कर रहा है, जिसके लिए वैज्ञानिक नई तकनीकें व नए किस्म के बीजों का उत्पादन कर रही है। उन्होंने छात्र छात्राओं के उज्जवल भविष्य की कामना की।
इस मौके पर राज्यपाल ने विभिन्न विषयों में अध्ययनरत 1261 छात्र छात्राओं को डिग्रियां वितरित की। इस दौरान 14 लोगों को कुलपति स्वर्ण पदक, 15 को कुलपति रजत पदक, 12 को कुलपति कांस्य पदक से नवाजा गया। वहीं शैक्षिणक वर्ष 2016 17 के अंत में मास्टर ऑफ साइंस एग्रोकल्चर उपाधि पाठ्यक्रम में सर्वोत्तम शोध ग्रंथ के लिए पूरन चंद्र अदलखा अवार्ड तन्मय भौमिक को, श्रीमती सरस्वती पण्डा स्वर्ण पदक अवार्ड अर्चना तिवारी को, श्रीमती नागम्मा शान्ताबाई अवार्ड कु. भूमिका सिंह को, डा. राम शिरोमणी तिवारी अवार्ड कु. रश्मि नगारी को तथा चौधरी चरण सिंह स्मृति प्रतिभा पुरस्कार कु. रश्मि नगारी व पूजा मेहरा को मिला। कुलसचिव, डा. ए.पी. शर्मा ने समारोह का संचालन किया एवं अंत में धन्यवाद दिया। मंच पर क्षेत्रीय विधायक राजेश शुक्ला भी उपस्थित थे।

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