देश में चुनावी माहौल के दरमियां डेलीहंट ने लॉन्च किया ‘खुद-की-सोच-बनाओ

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देहरादून।देवभूमि खबर। भारत के 1 न्यूज एवं स्थाननीय भाषा के कंटेंट ऐप्लीकेशन डेलीहंट ने आज अपने नए चुनावी कैम्पेलन, डेलीहंट चलाओ, ‘खुद-की-सोच-बनाओ’ की शुरुआत का ऐलान किया। भारत 1.35 अरब की आबादी वाला दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और यह आगामी आम चुनावों के लिए खुद को तैयार कर रहा है। इस कैम्पेन का उद्देश्य इस तथ्य को रेखांकित करना है कि जानकारियों से युक्त चयन करने के लिहाज से हम भारतीयों के लिए सूचनाओं के एक ऑनलाइन ’भरोसेमंद’, ‘निष्पक्ष’ और ‘विश्वसनीय’ स्रोत का होना कितना महत्वपूर्ण है।
यह क्रांतिकारी कैम्पेन एक दमदार संदेश लेकर आया है कि ‘इस इलेक्शन, किसी का तोता मत बनो!’ यह एक ऐसे वक्त में आम लोगों को अपनी राय बनाने की अहमियत याद दिलाता है, जब सूचना के कई जरियों की मौजूदगी अक्सर तथ्यों की गलत बयानी और पक्षपाती कवरेज की ओर ले जाती है और तटस्थता को प्रभावित करती है। टीवी, डिजिटल और रेडियो पर चलने वाला यह मल्टी-मीडिया कैम्पेन उन सभी लोगों तक पहुंचना चाहता है जो वोट देने योग्य हैं और न केवल महानगरों में बल्कि हिंदुस्तान के टियर 2, 3 शहरों, कस्बों और गांवों में भी निवास कर रहे हैं। यह अभियान तमाम प्रमुख भाषाओं में चलेगा और चुनावों की समाप्ति तक जारी रहेगा। इस कैम्पेन का टीवी विज्ञापन बड़े दिलचस्प ढ़ंग से हमारे बीच मौजूद विभिन्न ‘तोताज’ को दिखाता है-ऐसे लोग जो समाज के अलग-अलग पदों और कार्यों से जुड़े हैं, देश के विभिन्न क्षेत्रों में रहते हैं, विभिन्न क्षेत्रीय भाषाएं बोलते हैं, विभिन्न मीडिया चैनलों के माध्यम से ताजातरीन खबरें हासिल करते हैं और बिना सोचे-समझे राय को दोहराते रहते हैं।

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