नई टिहरी। जनपद में डेंगू एवं मलेरिया रोग के रोकथाम हेतु जिलाधिकारी डाॅ0 वी0 षणमुगम द्वारा गत दिवस देर सांय स्वास्थ्य विभाग एवं अन्य सम्बन्धित विभागों के अधिकारियों साथ कलक्ट्रेट स्थित उनके कार्यालय में आवश्यक बैठक ली गयी तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिये गये। जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये कि डेंगू एवं मलेरिया निरोधक कार्यवाही हेतु जनपद क्षेेत्रान्तर्गत कैम्प आयोजित किये जायें। लोगों को जागरूक किये जाने हेतू डेंगू एवं मलेरिया रोग से बचाव सम्बन्धी टिप्स पम्पलेट प्रकाशित व वितरित कर, टीवी चैनलों में स्लोगन चलाकर एवं स्थानीय रेडियों चैनलों के माध्यम से भी रोगों से बचाव सम्बन्धी टिप्स का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाय। उन्होने सीएमओ को निर्देश दिये कि नगर पालिका परिषद/नगर पंचायत कार्यालयों में डेंगू एवं मलेरिया से बचाव सम्बन्धी जानकारी विषयक पम्पलेट वितरण हेतु उपलब्ध करायें। जिलाधिकारी ने सीएमओ को निर्देश दिये कि जनपद के सभी चिकित्सकों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिये जायें। जिला चिकित्सालय में डेंगू एवं मलेरिया रोग के उपचार की समुचित व्यवस्था की जाय। डेंगू वार्डों को आइसोलेशन किया जाय। साथ ही सभी सीएचसी एवं पीएचसी में डेंगू एवं मलेरिया रोकथाम सम्बन्धी सभी आवश्यक दवाईयां तत्काल उपलब्ध करा दी जाये। जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को जनपद के मच्छर प्रकोप प्रभवित क्षेत्र मुनिकीरेति, नई टिहरी में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिये। जिलाधिकारी ने नगर पालिका परिषद एवं नगर पंचायतों के अधिशासी अधिकारियों को निर्देश दिये हैं कि वे नगर क्षेत्रान्तर्गत फोगिंग की कार्यवाही तत्काल करना सुनिश्चित करें ताकि मच्छरों को पनपने से रोका जा सके। उन्होने निर्देश दिये हैं कि यदि फोगिंग मशीन क्रय करने की आवश्यकता है तो तत्काल ही अधिशासी अधिकारी मशीन का क्रय कर लें। जिलाधिकारी ने जिला शिक्षा अधिकारियों को स्कूलों/कालेजों में मलेरिया व डेंगू की रोकथाम के उपाय करने तथा इन रोगों से बचाव की जानकारी विद्यार्थियों को दिये जाने के निर्देश दिये।
बैठक में सीएमओ भागीरथी जंगपांगी ने बताया कि डेंगू रोग मादा एडीज इजिप्टाई मच्छर के काटने से होता है जबकि मलेरिया रोग मादा ऐनाफिलीज मच्छर के काटने से फैलता है। उन्होने बताया कि डेंगू का मच्छर ठहरे हुए साफ पानी में पनपता है। सभी लोग घर में पड़े गमले, टायर, बर्तन, कूलर आदि में पानी जमा न होने दें। साथ ही नाले-नालियों की सफाई रखें। मच्छरदानी का प्रयोग करें। पूरे शरीर को ढकने वाले वस्त्र धारण करें। नालियों में जला मोबिल आयल या मिट्टी का तेल डालें। डेंगू एवं मलेरिया के लक्षण दिखायी देने पर चिकित्सक से सम्पमर्क करें।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी आशीष भटगांई, सीएमओ भागीरथी जंगपांगी, जिला शिक्षा अधिकारी (बेसिक) सुदर्शन सिंह बिष्ट, एसीएमओ दीपा रूबाली, ईई जल संस्थान सतीश चन्द्र नौटियाल, ईई जल निगम रकमपाल, ईओ नगर पालिका परिषद टिहरी राजेन्द्र सजवाण आदि उपस्थित थे।

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