बाढ़ प्रभावित जिलों के जिलाधिकारियों से मुख्यमंत्री ने स्थिति का जायजा लिया

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज सुबह महराजगंज, बलरामपुर, कुशीनगर, गोरखपुर व सिद्धार्थनगर के जिलाधिकारियों से फोन पर बाढ़ की स्थिति की जानकारी प्राप्त की और कहा कि बाढ़ राहत में किसी भी प्रकार की लापरवाही पर सम्बन्धित कार्मिकों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। राज्य सरकार के प्रवक्ता ने आज यहां बताया कि मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि उनके (जिलाधिकारियों के) स्तर से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का सघन स्थलीय निरीक्षण कर राहत एवं बचाव कार्य तेज कराया जाए।
मुख्यमंत्री ने अपेक्षा की है कि जनहानि रोकने के लिए सभी जरूरी आपात व्यवस्था सुनिश्चित करायी जाए। बाढ़ चौकियों पर 24 घण्टे स्टाफ की तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा है कि राहत सामग्री समय से उपलब्ध करायी जाए। साथ ही, आवश्यकतानुसार राहत शिविरों एवं बाढ़ प्रभावित बसावटों में पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था भी सुनिश्चित करायी जाए। प्रवक्ता ने बताया कि जनपद सिद्धार्थनगर में एक पीएसी यूनिट पहले ही बचाव एवं राहत कार्य में लगी थी। इसके अतिरिक्त एक-एक पीएसी व एनडीआरएफ की यूनिट अतिरिक्त तैनात की जा रही है। साथ ही, राहत एवं बचाव कार्य के लिए 12 मोटर बोट एवं 25 नाव तैनात की गई हैं, जबकि जनपद कुशीनगर में दो तहसीलें बाढ़ से प्रभावित हैं। यहां 29 बाढ़ चौकियों के माध्यम से राहत एवं बचाव कार्य के साथ-साथ राहत सामग्री बाटने का काम किया जा रहा है।

इसी प्रकार जनपद महराजगंज में 36 बाढ़ चौकियों की स्थापना की गई है। एनडीआरएफ की टीम राहत एवं बचाव कार्य में जिला प्रशासन की मदद कर रही है। पड़ोसी देश नेपाल में अत्यधिक वर्षा के कारण इस जनपद के 178 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। जहां राहत सामग्री बाटने के साथ-साथ आवश्यकतानुसार राहत एवं बचाव का कार्य किया जा रहा है। इस जनपद में जो बन्धे टूटे थे, उनकी मरम्मत का कार्य तेजी से चल रहा है। दो दिन पूर्व ही यहां एयर फोर्स की मदद से 39 लोगों को एयर लिफ्ट कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है, जबकि बलरामपुर जनपद में जल स्तर घटना शुरू हो गया है। यहां मोटर बोट उपलब्ध कराई गई हैं एवं 32 बाढ़ चौकियों से राहत एवं बचाव कार्य चलाए जा रहे हैं। जनपद गोरखपुर में रोहिणी नदी खतरे से तीन मीटर ऊपर बह रही है।

बाढ़ से सर्वाधिक प्रभावित कैम्पियरगंज तहसील के मखाना गांव में राहत एवं बचाव कार्य चलाया जा रहा है। जनपद में 86 बाढ़ चैकियां स्थापित की गई हैं। नगर के डोमेनगढ़ क्षेत्र के रेगुलेटर नम्बर 10 में रिसाव आने के कारण मोहल्ले में पानी आ गया है। इससे करीब 08 हजार परिवार प्रभावित हुए हैं, जिन्हें सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया गया है। इस रेगुलेटर को सुधार कर जलजमाव को समाप्त करने के उपाय किए जा रहे हैं। गोरखपुर जनपद में राप्ती नदी के जल स्तर पर लगातार निगाह रखी जा रही है।

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