बेहड़ ने एनएच घोटाले की जांच में पक्षपात का आरोप लगाते हुए दिया धरना

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रुद्रपुर।देवभूमि खबर। पूर्व मंत्री तिलकराज बेहड़ के नेतृत्व में कांग्रेसियों ने एनएच 74 घोटाले में बाजपुर, गदरपुर व किच्छा की जांच शुरू न होने पर एसएसपी दफ्तर पर धरना देकर प्रदर्शन किया। श्री बेहड़ ने आरोप लगाया कि एसआईटी बड़ी मछलियों को बचाने की कोशिश कर रही है, इसलिए इन तहसीलों की जांच नहीं कर रही है। चेतावनी दी कि यदि 15 दिन में इन तहसीलों की जांच शुरू नहीं की जाती तो वह एसएसपी दफ्तर पर 24 घंटे का उपवास रखेंगे और उसके बाद अनशन किया जाएगा। कहा कि एसआईटी को पक्षपात पूर्ण ढंग से जांच नहीं करने दी जाएगी।
श्री बेहड़ ने कहा कि मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत ने सदन में कहा था कि सीबीआई का सहमति पत्र मिल गया है, लेकिन सरकार ने सीबीआई के सहमति पत्र को कूड़े के ढेर में डाल दिया और एनएच 74 के मुआवजा घोटाले की जांच सीबीआई से नहीं कराई। कहा कि जांच के लिए एसआईटी का गठन कर दिया। एसआईटी भी निष्पक्षता से जांच करती तो कोई परेशानी नहीं थी, लेकिन एसआईटी ने सिर्फ जसपुर व काशीपुर की ही जांच की है। बाजपुर, गदरपुर, रुद्रपुर व किच्छा के मामलों की जांच तक शुरू नहीं की। कहा कि मुख्यमंत्री बड़ी मछलियों के नाम पूछ रहे हैं, लेकिन नाम तो उन कागजों में हैं जो डबल लॉक में कैद हैं। डबल लॉक से गदरपुर, बाजपुर, किच्छा व रुद्रपुर के अभिलेख निकाल कर जांचें जाएं तो बड़ी मछलियों के नाम खुद ही सामने आ जाएंगे। कहा कि सब जानते हैं कि किन दलालों ने किसानों को अधिक पैसा दिलाने का लालच देकर उनकी जमीनों की बैक डेट में 143 कराई। ऐसे दलालों को क्यों नहीं पकड़ा जा रहा। उन्होंने आशंका व्यक्त की कि एसआईटी कुछ अफसरों को जेल भेज कर मामले को रफादफा करना चाहती है, जिसे वह होने नहीं देंगे। उन लोगों के नामों का खुलासा होना चाहिए जो इस घोटाले की पृष्ठभूमि में शामिल हैं। कहा कि आर्विटेशन में कितने मामलों में मुआवजा दिया गया, इसकी जांच क्यों नहीं हो रही? एसआईटी दबाव में काम कर रही है। श्री बेहड़ ने कहा कि यदि 15 दिन में अन्य तहसीलों की जांच शुरू नहीं होती है तो वह एसएसपी दफ्तर पर 24 घंटे का उपवास रखेंगे। इसके बाद भी यदि एसआईटी नहीं सुधरती तो वह यहीं कैंप लगाकर अनशन शुरू कर देंगे। कहा कि सरकार को बड़ी मछलियों के खिलाफ कार्रवाई तो करनी होगी।
धरने में कांग्रेस के जिलाध्यक्ष नारायण सिंह बिष्ट, कांग्रेस के प्रदेश सचिव हिमांशु गाबा, पूर्व पालिकाध्यक्ष मीना शर्मा, हरीश पनेरू, हरीश बाबरा, कांग्रेस के महानगर अध्यक्ष जगदीश तनेजा, पुष्कर राज जैन, सौरभ चिलाना, अनिल शर्मा, ब्लाक प्रमुख दलजीत सिंह खुराना, किच्छा के पालिकाध्यक्ष महेंद्र चावला, सरदार हरभजन सिंह, गणेश उपाध्याय, जगतार सिंह बाजबा, व्यापार मंडल के अध्यक्ष संजय जुनेजा, महामंत्री हरीश अरोरा, कोषाध्यक्ष मनोज छाबड़ा, नरेश पाहुजा, सचिन मुंजाल, राजेश चावला, ममता रानी, ममता नारंग, उमा गोगना, ममता हाल्दार, सुभद्रा बठला, नीलिमा विश्वास, इंद्रावती, बिटोला देवी, राधो देवी, सरला, सरोज रानी, जमुना मंडल, बकूल सिकदर आदि शामिल थे। एसपी सिटी देवेंद्र पिंचा ने कांग्रेसियों को निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाकर धरना खत्म कराया।

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