राज्य सरकार लोकायुक्त बनाए जाने पर गम्भीर नहीं: रावत

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देहरादून ।देवभूमि खबर। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र रावत के भ्रष्टाचार आयोग की घोषणा पर टिप्पणी करते हुए कहा कि लगता है कि मुख्यमंत्री की लोकायुक्त व कड़ा कानून लाने में रुचि नहीं है, फिर भी यदि भ्रष्टाचार को जड़मूल से समाप्त करने के लिए उच्च न्यायालय के कार्यरत न्यायधीश के अध्यक्षता में कोई आयोग सहित प्रभावी कदम भ्रष्टाचार समाप्त करने के लिए उठाते है तो मैं उसका स्वागत करता हूॅ, और यह भी कहा कि राज्य निर्माण से आज तक के सभी भ्रष्टाचार सम्बन्धित आरोपों के सभी मामले व भविष्य में भी भ्रष्टाचार रुक सके इसका प्रभावी प्राविधान किया जाता है तो वह राज्य सरकार के हर कदम का स्वागत करेंगे। उन्होने कहा कि लगता है कि लोकायुक्त बनाए जाने पर राज्य सरकार गम्भीर नही है।
वहीं उन्होने राज्य के उद्योगो के लिए दिए गए जीएसटी पैकेज को देर से उठाया गया कदम बताते हुएण् कहा कि उनकी सरकार ने जीएसटी कांउसिल में लगातार राज्य को दस वर्ष के लिए इस छूट की पैरवी की थी और उस समय की गई हमारी पहल भी अब राज्य के काम आई है “देर से आए दुरुस्त आए” हमारी बात जीएसटी काउंसिल की बैठको के दौरान ही मान ली होती तो राज्य के उद्योगो को व राज्य को कई लाभ से वंचित होने से रोका जा सकता था।

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