शरद गुट ने किया चुनाव आयोग का रुख, जद (यू) पर अपना दावा ठोंका

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शरद यादव के नेतृत्व वाले जनता दल (यूनाइटेड) के गुट ने आज चुनाव आयोग (ईसी) का रूख करते हुए दावा किया कि वह ‘‘असल’’ पार्टी का प्रतिनिधित्व करते हैं और राष्ट्रीय परिषद के ज्यादातर सदस्य उनके साथ हैं। जद (यू) के यादव को पत्र लिखे जाने के एक दिन बाद यह घटनाक्रम सामने आया है। जद (यू) ने पत्र में उनसे रविवार को पटना में होने वाली राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की रैली में शामिल नहीं होने के लिए कहा गया था। यह भी कहा गया था कि यदि वह इसमे शामिल होते हैं तो वह ”पार्टी के सिद्धांतों’’ के खिलाफ काम करेंगे।

अपने हासचिव केसी त्यागी द्वारा यादव को भेजे एक राजनीतिक संदेश में कहा गया है कि इसका मतलब यह होगा कि वह स्वेच्छा से पार्टी छोड़ रहे हैं। यादव ने इससे पहले कहा था कि वह राजद की रैली में शामिल होंगे और कल पटना के लिए रवाना होंगे। जद (यू) के बागी नेता के एक करीबी सहयोगी और पार्टी के पूर्व महासचिव अरुण श्रीवास्तव ने पत्रकारों को बताया कि उनके गुट ने ईसी को बताया है कि ज्यादातर पार्टी कार्यकर्ता, राष्ट्रीय परिषद के सदस्य और राज्यों के अध्यक्ष उनके साथ हैं।
 श्रीवास्तव को हाल में पार्टी के महासचिव पद से हटाया गया था। श्रीवास्तव ने कहा ”हम पार्टी के संस्थापक सदस्य हैं। नीतीश कुमार हमें कैसे हटा सकते हैं।’’ उन्होंने कहा कि वे जद (यू) अध्यक्ष के साथ ‘‘लिव-इन इलेशनशिप’’ में नहीं रह रहे हैं कि वह ‘‘अपनी मर्जी के अनुसार’’ हटा सकें। यादव गुट ने जद (यू) के चुनाव चिन्ह (तीर) और पार्टी को आवंटित कार्यालयों पर भी दावा किया। कुमार बिहार के मुख्यमंत्री के साथ साथ जद (यू) के अध्यक्ष भी हैं। केवल तीन को छोड़कर सभी पार्टी विधायक और सभी सांसद उनके साथ हैं।
 त्यागी ने इससे पूर्व यादव गुट के उन दावों को खारिज करते हुए कहा कि ”दो या तीन व्यक्तियों’’ द्वारा किये गये विद्रोह को फूट नहीं समझा जाना चाहिए। पार्टी ने यादव को राज्यसभा में अपने संसदीय दल के नेता के रूप में हटा दिया था और राज्यसभा सदस्य अली अनवर को भी संसदीय दल से निलंबित कर दिया था। यादव के करीबी समझे जाने वाले कुछ कार्यालय पदाधिकारियों को भी बर्खास्त कर दिया गया था। त्यागी ने कहा कि राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव की रविवार को होने वाली रैली में यदि यादव शामिल होते हैं तो वह ‘‘लक्ष्मण रेखा’’ को पार करेंगे। त्यागी ने दावा किया था कि यह रैली लालू और उनके परिवार के सदस्यों के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों के लिए पर्दा डालने के लिए है।
 श्रीवास्तव ने हालांकि यादव के रैली में शामिल होने के निर्णय का बचाव करते हुए कहा कि जद (यू) महागठबंधन का एक सदस्य था जिसमें राजद और कांग्रेस भी शामिल थे और यादव के लिए यह महागठबंधन बना रहेगा। कुमार के महागठबंधन तोड़कर भारतीय जनता पार्टी के साथ गठबंधन करके बिहार में नयी सरकार बनाने के बाद यादव उनके खिलाफ हो गये हैं।

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