एडीजे कोर्ट में हमले को लेकर वकीलों की सुरक्षा के सवाल उठे

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देहरादून।देवभूमि खबर। गंगनहर कोतवाली के रामनगर एडीजे कोर्ट के बाहर सोमवार को एक अभियुक्त पर पेशी के दौरान हमला कर दिया गया था। जेल में बंद बदमाश देवपाल सिंह राणा को सोमवार को कोर्ट में पेशी के लिए लाया गया था। इसी दौरान कुछ लोगों ने कोर्ट परिसर के बाहर अंधा-धुंध फायरिंग कर दी। इस हमले राणा की मौत हो गई थी।
घटना को अंजाम देने आए आरोपियों में से दो बदमाशों को कोर्ट में तैनात पुलिस कर्मियों ने धर दबोचा था और एक बदमाश को देहरादून से गिरफ्तार किया गया। लेकिन इस पूरी घटना के बाद कई सवाल खड़े हो गए हैं। गोलीबारी में मारा गया देवपाल राणा रुड़की उपकारागार के बाहर 5 अगस्त, 2014 को हुई गैंगवार का आरोपी था और रुड़की जेल में कैद था। उस गैंगवार में चीनू पंडित के तीन साथियों को सुनील राठी के गैंग ने मौत के घाट उतार दिया था तब से लेकर दोनों के बीच दुश्मनी बढ़ गई थी।
कोर्ट परिसर में फायरिंग का पहला मामला सामने आने से पुलिस प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है तो अधिवक्ताओं को भी अपनी सुरक्षा को लेकर डर सता रहा है। एक बड़ा सवाल यह भी है कि देवपाल राणा को रामनगर कोर्ट में पेशी पर लाने की सूचना बदमाशों को किसने दी। यह सवाल इसलिए उठा है क्योंकि देवपाल राणा रुड़की जेल में बंद था और चीनू पंडित भी इसी जेल में बंद है।
उधर वकीलों का कहना है कि इस हमले के बाद उनमें अपनी सुरक्षा को लेकर आशंका घर कर गई है और इस बारे में बैठक कर रणनीति बनाई जाएगी। डीआईजी पुष्पक ज्योति ने कहा कि लोगों को धैर्य रखना होगा क्योंकि इस तरह की कोई घटना होती है तो पुलिस प्रशासन को जरुर सूचित करें। उन्होंने यह भी कहा कि कोर्ट की सुरक्षा को लेकर वकीलों से भी बात की गई है ताकि हर व्यक्ति कोर्ट में सुरक्षित रह सके।

 

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