भूकंप के झटकों के सायरन बजाकर लोगों को दी सूचना

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बागेश्वर।देवभूमि खबर। जिले में भूकम्प से निपटने के लिए शुक्रवार को मुख्यालय बागेश्वर में मॉंकड्रिल किया गया। जिला आपदा कन्ट्रोल रूम से प्रातः 8 बजे पर जिले में भूकम्प के झटकों के चलते सायरन बजाकर लोगों को सूचना दी गयी। भूकम्प की तीव्रता भाप प्रशासन ने त्वरित कार्यवाही करने के साथ ही सेटैलाईट फोन से नुकसान का आंकलन प्रारम्भ कर रेस्क्यू अभियान शुरू कर दिया। भूकम्प के सायरन बजते ही जनपद में मॉंक ड्रिल में रेस्क्यू टीमों को 7.2 तीव्रता का भूकम्प आने और इसमें लोगों की मौत होने लोगों के घायल होने की सूचना दी गई। सूचना मिलते ही आपदा में राहत बचाव कार्यो के लिए गठित रेस्क्यू टीमों ने राहत एवं बचाव कार्य किया। मॉंक ड्रिल के तहत सुबह 8 बजे 7.2 तीव्रता का भूकम्प आने की सूचना दी गई। इसका केन्द्र चमोली जिला मुख्यालय लगभग 80 किमी की दूरी पर स्थित हेलंग बताया गया। भूकम्प आने की सूचना मिलते ही जिले के गठित रेस्क्यू टीमें खोज एवं बचाव के लिए रवाना हुई। तेज सायरन के बीच प्रभावित क्षेत्र जिला अस्पताल,पुलिस लाईन, निर्माणाधीन रोडवेज बस अड्डा,दुगबाजार,बिलौना बस्ती,के लिए स्टेजिंग एरिया से टीमें रवाना हुई। सभी केन्द्रों में कर्मचारियों और जवानों ने घायलों को निकालने ,सुरक्षित स्थानों तक पहुॅंचाने और चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने का कार्य किया। आई0आर0एस0 टीम के अधिकारी जिलाधिकारी रंजना,पुलिस अधीक्षक मुकेश कुमार, ने घटना स्थलों का का मौका मुआयना कर स्थिति का जायजा लिया जिला अस्पताल में भर्ती गम्भीर घायल का हालचाल मालूम करते हुए चिकित्सकों को घायलों को समुचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिये। इसके पश्चात जिलाधिकारी ने निर्माणाधीन रोडवेज बस अड्डा पहुॅचकर भवन निर्माण में कार्य कर रहे घायल मजदूरों का हाल पूछा चिकित्सक टीम को घायलों का उपचार के निर्देश दिये। जिलाधिकारी ने स्टेजिंग एरिया बिलौना में मॉक ड्रिल हेतु तैनात अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि इस मॉंक ड्रिल का उद्देश्य जिम्मेदार अधिकारी की दक्षता की परख करना है। उन्होंने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के त्वरित गति से राहत वचाब कार्यो को सम्पादित करने पर सन्तोश व्यक्त करते हुए कहा कि प्रेक्टीकली जो काम होता है उससे ज्यादा सीख मिलती है। उन्होंने सभी अधिकारी एवं कर्मचारियों को आपसी सामंजस्य एवं टीम भावना से कार्य करने की नसीहत देते हुए कहा कि जब कोई व्यक्ति मुसीबत में फंसता है तो उसको बचाना बहुत बडा पुण्य का काम है परेशानी में फसे व्यक्ति के जीवन में नई आशा की किरण जगती है। उन्होंने कहा कि अडिग होकर साहस के साथ कार्य करेंगे तो बडी से बडी मुसीबत भी हल हो जाती है। इस दौरान घायल हुए लोगों को जिला अस्पताल और गम्भीर घायलों को हायर सैन्टर हेतु रैफर किया गया।जनपद में मॉंक ड्रिल में 7 लोगों की मौत होने तथा 28 लोगों के गम्भीर रूप से घायल होने 27 सामान्य घायल के साथ ही 86 पशुहानि तथा 124 पशु घायल होना बताया गया तथा 4 भवन पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त बताये गये। इस अभ्यास कार्यक्रम में आर्ब्जबर 16 शिख रेजीमैण्ट के कमाण्डिंग आफिसर लेटीनेन्ट सब्बल ए0 सुबेदार गुरमुख सिंह,ने मॉंक ड्रिल में बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में बताया। मॉंक ड्रिल में पुलिस अधीक्षक मुकेश कुमार,मुख्य विकास अधिकारी एस.एस.एस. पांगती,अपर जिलाधिकारी राहुल गोयल,जिला विकास अधिकारी के0एन0 तिवारी, मुख्य चिकित्साधिकारी डा0 शैलजा भट्ट,उपजिलाधिकारी कपकोट रविन्द्र सिंह, काण्डा रिकू बिष्ट, मुख्य कृषि अधिकारी वी0पी0 मौर्या, उप प्रभागीय वनाधिकारी बलवन्त सिंह शाही, तहसीलदार दयाचन्द्र टम्टा, कमाण्डैन्ट होमगार्ड मदन मोहन पाठक सहित आई0आर0एस0 सिस्टम से जुडे अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।

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