कांग्रेस ने नोट बंदी की बरसी पर मनाया काला दिवस

Spread the love

देहरादून।देवभूमि खबर। गत 8 नवम्बर 2016 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा लिये गये नोटबंदी के अविवेकपूर्ण फैसले की बरसी पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा प्रदेशभर में इस दिन को काला दिवस के रूप में मनाते हुए रैली, जुलूस एवं प्रदर्शनों का आयोजन किया गया।
इसी परिपेक्ष में राजधानी देहरादून में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम ंिसह के नेतृत्व में प्रदेश कार्यालय में कांग्रेसजनों द्वारा विशाल प्रदर्शन करते हुए कांग्रेस कार्यालय, राजीव भवन से घण्टाघर-पलटन बाजार-कोतवाली-डिस्पेंसरी रोड़ होते हुए राजीव काम्प्लेक्स तक विरोध मार्च निकाला गया। इस अवसर पर वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं हजारों की संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यकान्त धस्माना ने किया।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा लिये गये नोटबंदी के अविवेकपूर्ण फैसले के कारण आम गरीब एवं मध्यम वर्ग के व्यक्ति को होने वाली परेशानी के लिए कांग्रेस पार्टी केन्द्र की मोदी सरकार की कड़े शब्दों में निन्दा करती है। उन्होंने कहा कि नरेन्द्र मोदी सरकार ने अपने तीन साल के कार्यकाल में एक भी ऐसी योजना नहीं दी जिससे गरीब व आम आदमी का भला हो सके उल्टे कुछ बड़े घरानों को फायदा पहुंचाने की नीयत से देश की आम जनता को प्रताडित करने का ही काम किया है।
सिंह ने कहा है कि 8 नवम्बर 2016 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा लिये गये नोटबंदी के अविवेकपूर्ण फैसले को एक वर्ष का समय व्यतीत होने के उपरान्त भी पूरे देश में असमंजस का माहौल बना हुआ है तथा दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्र में निवास करने वाला आम आदमी इस सदमे से नहीं उबर पाया है। नोटबंदी के बाद बैंकों में रखे अपने पैसे को वापस पाने के लिए निम्न व मध्यम वर्ग का व्यक्ति भिखारी की भंाति लाईन में खड़ा होना पड़ा था। काला धन बाहर निकालने एवं जाली करेंसी को चलन से बाहर करने के नाम पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा लिये गये इस फैसले के पीछे देश के चुनिंदा औद्योगिक घरानों को लाभ पहुंचाने तथा देश की अर्थ व्यवस्था को छिन्न-भिन्न करने की साजिश ही रही है। केन्द्र सरकार के इस फैसले से देश का गरीब, किसान मजदूर, छोटा व्यापारी व निम्न आय वर्ग का व्यक्ति सबसे अधिक प्रभावित हुआ था। रोज कमा कर खाने वाले छोटे व्यवसायी, रेहड़ी-ठेली लगाकर फल, सब्जी बेचने वाले मजदूर, टैक्सी, मैक्सी, थ्री व्हीलर, रिक्शे वालों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया था। गरीब आदमी अपने बच्चों के स्कूल की फीस समय पर नहीं दे पाया तथा बीमार व्यक्तियों को समय पर उपचार के अभाव में असमय कालकल्वित होना पड़ा। गरीब मां-बाप पैसे के अभाव में बेटी की विदाई नहीं कर पाने के कारण आत्महत्या करने को मजबूर हुए। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के इस तुगलकी फरमान से पर्यटन पर आधारित उत्तराखण्ड जैसे अल्प संसाधन वाले राज्यों को भारी नुकसान उठाना पड़ा तथा पर्यटन व्यवसाय को भारी क्षति हुई।
सिंह ने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा जिस प्रकार नोटबंदी का तुगलकी फरमान सुनाया गया उसी प्रकार देश में बिना पूर्व तैयारी के जी.एस.टी. को लागू किया गया। कांग्रेस पार्टी जीएसटी की पक्षधर रही है तथा यूपीए सरकार के समय 2004 में पहली बार तत्कालीन वित्त मंत्री पी. चिदम्बरम ने अपने भाषण में जीएसटी का उल्लेख किया था। यूपीए सरकार की कोशिश थी कि 2010 तक जीएसटी देश में लागू किया जाय तथा इसके लिए सभी राज्यों से जीएसटी के बारे में सहमति भी मांगी गई थी। परन्तु तत्कालीन गुजरात सरकार के मुख्यमंत्री एवं वर्तमान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिह चौहान ने जीएसटी पर सहमति देने की बजाय जीएसटी को सिरे से खारिज कर दिया था। यूपीए सरकार अधिकतम 14 प्रतिषत टैक्स के साथ जीएसटी लागू करने जा रही थी, जबकि वर्तमान सरकार ने जीएसटी में टैक्स के 4 स्लैब तय किये हैं।
सिंह ने कहा कि केन्द्र की मोदी सरकार द्वारा टैक्स की दरें 28 प्रतिशत तक निर्धारित की गई हैं जिससे पहले से मंहगाई की मार झेल रही जनता को और अधिक मार झेलनी पड़ रही है। टैक्स की दरों में वेतहाशा वृद्धि के साथ-साथ केन्द्र की मोदी सरकार ने नोट बंदी की तरह जीएसटी को बिना किसी तैयारी के लागू किया। केन्द्र सरकार द्वारा पेट्रोलियम पदार्थों तथा शराब सहित कई ऐसी वस्तुओं को जीएसटी के दायरे से बाहर रखते हुए इन वस्तुओं पर 28 प्रतिशत से अधिक टैक्स लिया जा रहा है जो कि जनता के साथ धोखा है और केन्द्र सरकार के एक देश, एक वस्तु, एक टैक्स के दावे का का सीधा-सीधा उलंघन है।
सिंह ने कहा कि केन्द्र की मोदी सरकार ने अपने लोगों को फायदा पहुंचाने के उद्देश्य से यू.पी.ए. सरकार के समय प्रतिवर्ष 75 हजार डॉलर विदेशी बैंकों में जमा करने की अधिकतम सीमा को पहले चरण में बढ़ाकर प्रतिवर्ष 125 हजार डॉलर किया तथा दूसरे चरण में पुनः इस सीमा को बढ़ाकर 250 हजार डॉलर करते हुए अपने चहेते औद्योगिक घरानों के मित्रों को उनका काला धन विदेशों में भेजने की पूरी सुविधा प्रदान की। परिणामस्वरूप एक वर्ष में भारत से 11 हजार करोड़ डॉलर की भारी भरकम धनराशि विदेशी बैंकों में जमा हुई। मोदी सरकार द्वारा नोटबंदी के फैसले को अति गोपनीय फैसला बताया गया परन्तु नोट बंदी के फैसले से पहले की तिमाही में पहले वर्ष की तुलना में बैंकों में 5 गुना अधिक धन जमा होना, भारतीय जनता पार्टी की बंगाल इकाई द्वारा नोट बंदी से पहले अपने खाते में करोड़ों रू0 जमा करना तथा भाजपा की विहार इकाई द्वारा करोड़ों रूपये की जमीन खरीदना नोटबंदी के फैसले की गोपनीयता पर प्रश्नचिन्ह्र है।
कार्यक्रम में नेता प्रतिपक्ष डॉ. इन्दिरा हृदयेश, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय, विधायक ममता राकेश, फुरकान अहमद, राजकुमार, पूर्व मंत्री नवप्रभात, दिनेश अग्रवाल, मंत्री प्रसाद नैथानी, मातवर सिंह कण्डारी, हीरा सिंह बिष्ट, अम्बरीश कुमार, जोत सिंह गुनसोला, विजयपाल सजवाण, राजकुमार, मदन सिंह बिष्ट, ललित फर्स्वाण, बलवीर नेगी, जिला पंचायत अध्यक्ष चमन सिंह, प्रदेश उपाध्यक्ष शंकर चन्द रमोला, सूर्यकान्त धस्माना, अब्दुल रज्जाक, महामंत्री विजय सारस्वत, डॉ0 संजय पालीवाल, गोदावरी थापली, नवीन जोशी, राजेन्द्र भण्डारी, सुरेन्द्र रांगड़, जयपाल जाटव, राजपाल खरोला, घनानन्द नौटियाल, केएस राणा, याकूब सिद्धिकी, आनन्द रावत, मुख्य प्रवक्ता मथुरादत्त जोशी, मुख्य कार्यक्रम समन्वयक राजेंद्र शाह, पूर्व महानगर अध्यक्ष लालचन्द शर्मा, प्रभुलाल बहुगुणा, पूर्व मंत्री अजय सिंह, संजय जैन, प्रवक्ता डॉ0 आर.पी. रतूड़ी, गरिमा दसौनी, हिम्मत सिंह बिष्ट, युवा अध्यक्ष भुवन कापड़ी, एनएसयूआई के श्याम सिंह चौहान, रामविलास रावत, नेता प्रतिपक्ष नगर निगम नीनू सहगल, राजेश चमोली, मीना बछवाण, यामीन अंसारी, जयेन्द्र रमोला, प्रदेश सचिव संजय किशोर, प्रणीता बडोनी, भरत शर्मा, गिरीश पुनेड़ा, नवीन पयाल, राजेश पाण्डेय, शांति रावत, दीप बोहरा, महेश काण्डपाल, विनोद चौहान, मेघ सिंह, प्रमुख राजपाल सिह, महेन्द्र राणा, लता जज, पार्षद जगदीश धीमान, अल्का पाल, जितेन्द्र सरस्वती, नेमचन्द, रामकुमार वालिया, सतीश ढौंडियाल, अनिल गुप्ता, अभिनव थापर, महावीर रावत, पूनम भगत, ताहिर अली, कै0 बलवीर सिह, कमलेश रमन, सुनीता प्रकाश, डॉ. प्रदीप जोशी, अमरजीत सिंह, सूरत सिंह नेगी, महन्त विनय सारस्वत, महेश जोशी, पंकज मेसोन, दीवान सिंह तोमर, राजेश रस्तोगी, अनिल बसनेत, सुलेमान अली, मोहन काला, गोपाल क्षेत्री, केबी थापा, भरत चन्द रमोला, संजय अग्रवाल, तेलूराम, मास्टर सतपाल, कलीम खान, यशपाल राणा, राजेश शर्मा, दिनेश कौशिक, एडवोकेट हनीफ, मनीष नागपाल, प्रताप गुसांई, जोध सिंह रावत, भरत चन्द रमोला, मेजर हरि सिह, सुनित राठौर, त्रिलोक सजवाण, माधुरी नौटियाल, गुरनाम सिंह राठौर, राजेन्द्र सिंह राणा, स्वाति नेगी, दिनेश कौशिक, अनूप पासी, इन्द्रप्रकाश अग्रवाल, मुकेश चौहान, बसन्त पन्त, देवेन्द्र बुटोला, मनोज कुमार, राजा बिडला, निहाल ंिसह चौहान, उपेन्द्र थापली विक्टर थॉमस, राजेन्द्र सिंह, विजय गुप्ता, सत्येन्द्र उनियाल, मोहन रावत, राजेन्द्र शर्मा, सुलेमान अली, नजमा खान, आदर्श, हाजी इमरान, प्रीतम सिह रावत, ब्लाक अध्यक्ष सरदार सिंह, अमर सिंह चौहान, कृष्ण दत्त शर्मा, शिव मोहन मिश्रा, संजय सैनी, यशपाल चौहान, श्यामलाल आर्य, अनिल भाष्कर, कुंवर सिंह यादव, सावित्री थापा, अशोक कोहली, काजी नैययर, मनमोहन नेगी, सतीश पन्त, देवेन्द्र बुटोला, डॉ. इकबाल, राजवीर खत्री, प्रभा, चन्द्रकला नेगी, चन्द्रकला पंवार, अनुराधा तिवारी, राजीव केशववाल, माधव अग्रवाल सहित हजारों कांग्रेसजन उपस्थित थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Next Post

मुख्य सचिव ने किया केदारनाथ पुनर्निर्माण कार्यो का निरीक्षण

Spread the loveरूद्रप्रयाग।देवभूमि खबर। मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह द्वारा श्री केदारनाथ में गतिमान पुनर्निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण में आयुक्त गढ़वाल मण्डलए जिलाधिकारी रुद्रप्रयागए प्रधानाचार्य एनण्आईण्एमण्ए उप जिलाधिकारी ऊखीमठध्नोडल अधिकारीए जेण्एसण्डब्लू के प्रतिनिधि आर्किटेक्ट विशेषज्ञ सहित लोण्निण्विण् एवं सिंचाई विभाग के अधिकारी उपस्थित थे। मुख्य सचिव द्वारा […]

You May Like