प्रदेश में पलायन को रोकने के लिए हमें दुग्ध व्यवसाय व पशुपालन को बढ़ावा देना होगा: रावत

Spread the love

अल्मोड़ा ।देवभूमि खबर। प्रदेश में पलायन को रोकने के लिए हमें दुग्ध व्यवसाय व पशुपालन को बढ़ावा देना होगा यह बात प्रदेश के दुग्ध एवं सहकारिता राज्यमंत्री डा0 धन सिंह रावत ने आज अल्मोड़ा दुग्ध उत्पादक संघ लि0 पातालदेवी के 59वें वार्षिक सामान्य निकाय अधिवेशन में उपस्थित प्रतिभागियों को सम्बोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि वर्ष 2022 तक दुग्ध उपार्जन को बढ़ाने के साथ ही दुग्ध प्रसंस्करण क्षमता बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है इसके साथ ही प्रदेश में स्थानीय नस्ल की बद्री गाय के संरक्षण और दुग्ध उत्पादन में वृद्धि हेतु फील्ड परफारमेंस रिकार्डिग शुरू की गयी है। दुग्ध मंत्री ने इस अवसर पर दुग्ध संघ का 23 करोड़ 50 लाख का वार्षिक बजट जो सदन में रखा गया था उसकी स्वीकृति प्रदान की जिसमें 8.64 लाख रू0 लाभ का बजट सम्मिलित है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष गंगा गाय योजना को बढ़ावा देने के साथ ही दुग्ध मूल्य प्रोत्साहन को बढ़ावा दिया जा रहा है। दुग्ध समितियों को प्रोत्साहन राशि अपै्रल, मई का प्रोत्साहन राशि दे दी गयी है। डीपीएमसीयू योजना के अन्तर्गत 02 समितियों यथा सोनी व डाकोट को यंत्र वितरित किये जिससे दुग्ध नापतौल की जॉच हो सकेगी। पंतगॉव दुग्ध सिमति के सचिव की मृत्यु हो जाने पर उनकी पत्नी को आर्थिक सहायता के रूप में 21500 रू0 का चौक वितरण किया। दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में अच्छे कार्य करने वाले समितियों को भी पुरस्कृत किया जिसमें भटकोट प्रथम, गैराड़ द्वितीय, देवलीखेत को तृतीय इसके अलावा तीन दुग्ध उत्पादक हंसी देवी, माधवी देवी, मोहनी देवी को भी पुरस्कृत किया। 40 समितियों को कम्प्यूटरीकृत किया गया है और इस वर्ष 100 और समितियों को कम्प्यूटरीकृत होंगी जिसमें बागेश्वर की समितिया भी सम्मलित है। दुग्ध मंत्री ने बताया कि जनपद अल्मोड़ा, बागेश्वर में कुल 236 दुग्ध समितिया सक्रिय है जिन्हें शीघ्र ही कम्प्यूटरीकृत कर दिया जायेगा इससे दुग्ध व्यवसाय से जुड़े लोगो की जो शिकायतें पूर्व में रहती थी यथा दूध फैट का कम होना आदि का निराकरण हो जायेगा। दुग्ध मंत्री ने कहा कि हमारी प्राथमिकता है कि इस वर्ष दुग्ध समितियों का भुगतान आनलाइन बैंक के माध्यम से किया जायेगा जिससे जहा एक ओर समय की बचत होगी वही दूसरी ओर उनके खाते में धनराषि सही समय पर मिल जायेगी। दुग्ध मंत्री ने कहा कि प्रदेष में ‘शीघ्र मुख्यमंत्री कामधेनु योजना’ शुरू की जा रही है और प्रदेश को आर्गेनिक खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है यही नहीं कृषि, उद्यान, पशुपालन, दुग्ध एवं सहकारिता को मिलाकर एक कलस्टर बनाया जा रहा है। उन्होंने प्रदेश में बकरी पालन को बढ़ावा देने की बात कही और कोसी नदी के संरक्षण के लिए भी उन्होंने अपील की। सहकारिता मंत्री ने कहा कि किसानो की आय को दुगना करने के लिए आगामी 09 एवं 10 दिसम्बर को सल्ट में ऋण वितरण कार्यक्रम रखा गया है साथ ही किसानो को जो एक लाख रू0 ऋण दिया जा रहा है उसे अब बढ़ाकर दो लाख रू0 किया जायेगा। दुग्ध उत्पादको को 2700 डीप रिफ्रिजरेटर एवं 1350 छोटे डीप रिफ्रेजरेटर दिये जायेंग। उन्हें यहॉ के दुग्ध संध के लिए एक बायलर देने की बात कही। दुग्ध उत्पादन प्रोत्साहन की राशि दुग्ध उत्पादको को दी जायेगी। दुग्ध मंत्री ने कहा कि हमारा प्रयास रहेगा कि सुदूर ग्रामीण अंचलो तक दुग्ध समितियों का गठन कर लोगो को इस व्यवसाय से अधिकाधिक संख्या में जोड़ा जाय ताकि पलायन रूक सके यह तभी सम्भव होगा जब दुग्ध व पषुपालन विभाग के अधिकारी आपस में मिलकर इस काम को करेंगे। उन्होंने इस अवसर पर विश्वास दिलाया कि जो भी दुग्ध व्यवसाय से जुड़े लोगो की समस्या होगी उनका निराकरण के साथ ही इस विभाग से जुड़े अधिकारियों एवं कर्मचारियों की समस्याओं का भी प्राथमिकता से निराकरण किया जायेगा। इस अवसर पर उन्होंने गंगा गाय योजना के 15 लाभार्थियों को 2020 हजार रू0 के चौक वितरित किये। इस अवसर पर अध्यक्ष अल्मोड़ा दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ लि0 पातालदेवी के अध्यक्ष कुॅवर सिंह गोसाई ने अपने सम्बोधन में कहा कि हमें दुग्ध व्यवसाय से जुड़े लोगो की हर समस्या का निदान करना होगा तभी हम प्रगति कर पायेंगे। उन्होंने मुख्य अतिथियों का भी स्वागत किया। प्रधान प्रबन्धक डा0 एल0एम0 जोशी ने पिछले वर्ष की उपलब्धियों व इस वर्ष अभी तक हुई प्रगति का विवरण प्रस्तुत किया और आगामी वर्ष का बजट भी प्रस्तुत किया। उन्होंने विश्वास दिलाया कि जो भी दिशानिर्देश दिये जायेंगे उसका कड़ाई से पालन होगा। इस अवसर पर अति विशिष्ट अतिथि रघुनाथ सिंह चौहान ने अपने सम्बोधन में कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में दुग्ध व्यवसाय से जुड़े लोगो की समस्याओं पर हमें विशेष ध्यान देना होगा। अतिथि यूसीडीएफ के अध्यक्ष राजवीर सिंह एवं व भाजपा जिलाध्यक्ष गोविन्द सिंह पिलख्वाल ने भी अपने विचार रखते हुए कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों से हो रहे पलायन को रोकने के लिए हमें ठोस पहल करनी होगी। इस बैठक में जिलाधिकारी इवा आषीष श्रीवास्तव व मुख्य विकास अधिकारी मयूर दीक्षित, पशु आहर प्रबन्धक डा0 एच0एस0 कुटौला, सामान्य प्रबन्धक यूसीडीएफ दीप प्रकाश बिष्ट, उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति नागेश्वर राव पूर्व अध्यक्ष दीप चन्द्र सिंह डॉगीं, पूर्व जिलाध्यक्ष रमेश बहुगुणा, ललित लटवाल, अरविन्द बिष्ट, वर्मानन्द डालाकोटी, भावना जोशी, कल्पना बिष्ट, मुकुल पाण्डे सहित दुग्ध व्यवसाय से जुड़े लोग उपस्थित थे। इस कार्यक्रम का संचालन प्रभारी एम0आई0एस0 अरूण नगरकोटी

 

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Next Post

देहरादून व हरिद्वार में अंडर ग्राउण्ड केबल के लिए सीएसआर में मिलेगा फंड

Spread the loveदेहरादून ।देवभूमि खबर। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द सिंह रावत ने बुधवार को नई दिल्ली में केन्द्रीय ऊर्जा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) आर.के.सिंह से भेंट की। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह ने कहा कि केन्द्रीय मंत्री से वार्ता के दौरान उत्तराखण्ड की 33 जल विद्युत परियोजनाओं पर व्यापक चर्चा की गई इस सम्बंध […]

You May Like