जनता दरबार में जिलाधिकारी ने सुनी ग्रामीणों की समस्यायें।

Spread the love

पौडी।देवभूमि खबर। लैंसडोन तहसील मुखल में आोजित तहसील दिवस व जनता दरबार में जिलाधिकारी सुशील कुमार ने लोगों की एक दर्जन से अधिक समसएं सुनी। इस मौके पर डीएम ने अधिकतर समसओं का निस्तारण किा। तहसील मुखल में आोजित जनता दरबार में लोगों ने स्वास्थ्, शिक्षा, सडक, पेजल, विभिन्न पेंशन व भूमि का मुआवजा दिलो जाने समेत 13 शिकातें जिलाधिकारी के समक्ष रखी। जिलाधिकारी ने लोगांे द्वारा प्रस्तुत की गई शिकातों को तत्परता से निस्तारण करने के निर्देश विभागी अधिकारिों को दिे। जनता दरबार में भाजपा के मंडलाध्क्ष भुवनेश्वर खंडेलवाल ने लैंसडोन से कोटद्वार के लिए प्रातः कालीन बस सेवा संचालन की मांग उठाई। पूर्व प्रमुख द्वारीखाल रविंद्र सिंह रावत ने चैलूसैंण से देवीखेत मोटर मार्ग पर क्षतिग्रस्त पुश्ता निर्माण, ग्राम बमोली की कृषि भूमि पर ोरबाड करने, बलूनीगांव तथा माध्मिक विद्याल के पास हैंडपम्प लगो जाने, द्वारीखाल में मोबाइल टावर लगाने, राजकी प्राथमिक विद्याल हिलोडी के भवन निर्माण तथा धूपा देवी ने विधवा पेंशन दिे जाने की गुहार लगाई। मुकेश अग्रवाल, जेंद्र भारद्वाज, ग्राम चाई कौडिा निवासी अशोक बुडाकोटी ने चाईंउचजुई पेजल ोजना के निर्माण की मांग उठाई। ग्राम तीला मल्ली निवासी सावित्री देवी तथा ग्राम गोमू निवासी परमानंद ने आर्थिक सहाता दिलो जाने की गुहार लगाई। जिलाधिकारी ने संबंधित शिकातों के निस्तारण के लिए विभागी अधिकारिों को आवश्क कदम उठाने के निर्देश दिे। जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों से लोगों की समसओं का तत्काल निराकरण करते हुए आवेदकों को भी उसकी सूचना देने को कहा। इस अवसर पर एसडीएम लैंसडोन सोहन सिंह सैनी, डीपीआरओ एमएम खान, मुख् कृषि अधिकारी डा डीएस राणा, डीएसओ जगदीश वर्मा, जिला समाज कलण अधिकारी रतन सिंह रावल, एसीएमओ डा एनके तगी, उद्यान विशेषज्ञ डा रजनीश कुमार, सहकारिता सचिव रमेश सिंह नेगी, समेत विभिन्न विभागों के जिलास्तरी अधिकारी व खण्ड विकास के अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Next Post

माँ, मातृभूमि व मातृभाषा का सदैव सम्मान करेंः उपराष्ट्रपति

Spread the loveदेहरादून।देवभूमि खबर। उपराष्ट्रपति एम. वैंकैया नायडू ने कहा कि जीवन में कभी भी अपनी मां, अपनी जन्मभूमि, अपनी मातृभाषा व अपने मातृदेश को नहंी भूलना चाहिए। मातृभाषा, नेत्र के समान होती है जबकि विदेशी भाषा चश्मे की तरह होती है। दूसरी भाषा सीखने में कोई बुराई नहीं है […]

You May Like