सुप्रीम कोर्ट से डीपी सिंह को फिर राहत नहीं मिल पाई

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देहरादून ।देवभूमि खबर।  एनएच 74 मुआवजा घोटाले में मुख्य आरोपी बनाए गए निलंबित पीसीएस अफसर डीपी सिंह की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने उनके कई ठिकानों पर छापेमारी की। पुलिस की टीम नैनीताल भ्रष्टाचार निवारण कोर्ट के आस पास इस उम्मीद में तैनात रहीं कि डीपी सिंह वहां समर्पण कर सकते हैं, मगर डीपी सिंह कोर्ट नहीं पहुंचे। उधर, डीपी सिंह की गिरफ्तारी के बाद अन्य कई अफसरों पर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है, क्योंकि बाजपुर में चकबंदी क्षेत्र में अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर जमीनों की 143 करने वाले अफसर भी बच नहीं पाएंगे।
गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट से डीपी सिंह को फिर राहत नहीं मिल पाई। सुप्रीम कोर्ट के समर्पण के बाद ही एसएलपी पर सुनवाई के आदेश के बाद अब यह तय हो गया है कि डीपी सिंह को आत्मसमर्पण ही करना पड़ेगा। एसआईटी के सूत्रों ने बताया कि पुलिस की टीमें यूपी के कई शहरों में डीपी सिंह की तलाश कर रही हैं, मगर पुलिस को कोई सुराग नहीं मिला है। लखनऊ, दिल्ली, सीतापुर व बरेली समेत कई स्थानों पर दबिश दी गई, मगर डीपी सिंह अभी पुलिस की पकड़ से दूर हैं। पुलिस ने डीपी सिंह व उनके अनेक परिचितों के मोबाइल नंबर सर्विलांस पर लगाए हैं, लेकिन पुलिस को कोई लोकेशन नहीं मिल रही है। बताते हैं कि बुधवार को पुलिस ने नैनीताल में स्थित भ्रष्टाचार निवारण कोर्ट के आस पास डेरा डाले रखा, ताकि समर्पण से पहले ही डीपी सिंह को गिरफ्तार किया जा सके। खबर लिखे जाने तक डीपी सिंह के समर्पण की कोई सूचना नहीं है। बता दें कि डीपी सिंह की गिरफ्तारी के बाद अन्य कई अफसर भी एसआईटी के रडार पर हैं। बाजपुर क्षेत्र में की जा रही घोटाले की जांच की जद में वह अफसर आ रहे हैं जिन्होंने चकबंदी प्रक्रिया के अधीन वाले क्षेत्र में जमीनों की 143 अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर कर दी थी। अभी कई पूर्व एसएलएओ पर भी एसआईटी की गाज गिर सकती है।
निलंबित पीसीएस अफसर डीपी सिंह के भाई जो रामपुर जिले में पुलिस के इंस्पेक्टर हैं ने इस प्रकरण से अपना पल्ला झाड़ लिया है। उन्होंने अपने पुलिस कप्तान के जरिए ऊधमसिंह नगर के कप्तान से बात कराई है तथा कहा है कि उन्हें नहीं पता कि डीपी सिंह कहां हैं। यदि उन्हें कोई जानकारी मिलेगी तो वह पुलिस को बताकर सहयोग करेंगे।
दरअसल, डीपी सिंह के भाई रामपुर जिले में तैनात हैं। पुलिस ने उनके भाई से पूछताछ करनी चाही, मगर उनके भाई ने अपना पल्ला झाड़ लिया है। बताते हैं कि उन्होंने अपने पुलिस कप्तान के जरिए अपना संदेशा भेजा है कि उन्हें डीपी सिंह के बारे में कोई जानकारी नहीं है।  यदि कोई सूचना मिलेगी तो वह पुलिस को सहयोग करेंगे।

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