वित्त मंत्री के आश्वासन के बाद भी मांगे अधर में

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नित्यानद भटट
देहरादून।देवभूमि खबर। उत्तराखण्ड कर्मचारी संघ की 10 सूत्रीय मांग पर मुख्यमंत्री ने वित्त मंत्री को कर्मचारियों की समस्या सुलझाने के लिए अधिकृत किया था । वित्त मंत्री प्रकाश पंत ने मुख्य सचिव के साथ मिलकर कर्मचारी नेताओं के साथ वार्ता की जिसमें वित्त मंत्री ने कर्मचारी नेताओं को 10 सूत्रीय मांगों पर गंभीरता से विचार करने का आश्वासन दिया परन्तु वित्त मंत्री के निर्देश के बाद सिर्फ एक मांग आवास भत्ता की पूरी हो पाई बाकि मांगो की अनदेखी की गयी । साथ ही कर्मचारियों का माह जनवरी का वेतन रोक दिया गया है ओर अभी तक वेतन नही दिया गया ।जिससे कर्मचारियों को परेशानियो को सामना करना पड़ रहा है।
हमारे संवाददाता से बातचीत मे उद्यान विभाग के एक कर्मचारी ने कहा क्या अपने अधिकारो के लिए हड़ताल पर जाना गुनाह है। शासन कर्मचारियों को अपनी आवाज उठाने पर दबाने की कोशिश कर रही है। उन्होने कहा कि शासन मे बैठे आका सरकार के नुमाइंदो के निर्देशों की परवाह न करते हुये सरकार की छवि धूमिल करने का प्रयास कर रहे है। उन्होने कहा कि वित्त मंत्री के आदेशों के बाद भी कोई कार्यवाही न होना साफ इंगित करता है कि शासन मे बैठे नौकरशाह किसी की परवाह नही करते । प्रदेश मे नौकरशाहों की मनमानी राज्य के विकास के लिए घातक हो सकती है। कर्मचारियों को दस सूत्रीय मांगो पर कार्यवाही न होना व माह जनवरी का वेतन न देने पर रोश है।

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