आप ने की यौन शौषण के आरोपी महेश नेगी प्रकरण की जांच सीबीआई को सौंपे जाने की मांग

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देहरादून। आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता नवीन पीरसाली और उमा सिसोदिया ने एक प्रेस वार्ता के दौरान यौन शौषण के मामले में सरकार पर आरोपी विधायक को बचाने का आरोप लगाया और बीजेपी के मंत्री हरक सिंह रावत के आप में आने की अटकलों पर विराम लगाते हुए उनकी व्यक्तिगत मामला बताया।

प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए उमा सिसोदिया ने यौन शौषण मामले में सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा,सरकार अपनी झूठी शान के खातिर अब तक अपने आरोपी विधायक को बचाने की कोशिश करती रही और महिला के मान सम्मान को दरकिनार करते हुए अब तक डीएनए टेस्ट को लेकर कोई निर्णय नहीं ले पाई। प्रेस वार्ता के माध्यम से आम आदमी पार्टी ने यौन शौषण के आरोपी महेश नेगी प्रकरण की जांच सीबीआई को सौंपे जाने की मांग की और पीड़ित महिला के डीएनए चैलेंज को सरकार जल्द से स्वीकार करने की भी ,मांग की ताकि महेश नेगी और बच्चे के डीएनए टेस्ट से साफ हो जाए ,बेटी विधायक महेश नेगी की है या नहीं।

वहीं बीजेपी के मंत्री, हरक सिंह रावत के आप में आने की अटकलों पर विराम लगाते हुए आप प्रवक्ता नवीन पीरसाली ने कहा, आज बीजेपी मुख्यमंत्री ,मंत्री और विधायकों में आपसी समन्वय नहीं है । ताजा उदाहरण इनके नेता हरक सिंह रावत जी हैं, जो 2022 में चुनाव ना लड़ने का बयान दे चुके हैं । यह बीजेपी और उनके मंत्री का अपना आंतरिक मामला है उनकी मर्जी वह चाहे तो चुनाव लड़े ना लड़े । हरक सिंह रावत के आम आदमी पार्टी ज्वाइन करने को लेकर ये साफ है कि राज्य संगठन स्तर पर हरक सिंह रावत जी से किसी की कोई बातचीत या मुलाकात नहीं हुई है। और ना ही ऐसी कोई बात है कि आम आदमी पार्टी में वो शामिल हो रहे।हां अगर आला कमान या केंद्रीय स्तर पर कोई उनकी बातचीत चल रही हो तो प्रदेश संगठन को उसकी कोई जानकारी नहीं है। अगर राज्य के संघठन स्तर पर कोई बात वो करते हैं तो आप सबसे पहले पत्रकार बंधुओं से इस बात को जरूर और सबसे पहले साझा करेंगे।

इसके अलावा आप प्रवक्ता नवीन ने कहा,पिछले कई दिनों से त्रिवेंद्र सिंह रावत के नेतृत्व में कई ऐसी घटनाएं सामने आ गई जब मुख्यमंत्री,मंत्रियों और विधायकों में आपसी समन्वय नहीं दिखा। ये आपस में उलझे हैं। विकास को लेकर कोई सरोकार ज़िम्मेदार जनप्रतिनिधियों को देखकर लग नहीं रहा। मुख्यमंत्री इतने निरंशुक हो चुके कि वो किसी की नहीं सुन रहे । इनके एक विधायक महेश नेगी पर यौन शौषण मामले में कोर्ट ने सरकार से जवाब मांगा है। एक विधायक फर्त्याल खुद सरकार के खिलाफ भ्रष्टाचार की लड़ाई लड़ रहे हैं। रायपुर से इनके विधायक उमेश शर्मा काऊ, इनको काम ना किए जाने को लेकर राष्ट्रीय अध्यक्ष बीजेपी जेपी नड्डा को चिट्ठी तक लिख चुके हैं। मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर इनके कई विधायक बार बार सीएम को छोड़कर दिल्ली डेरा डाले हुए हैं। इससे पहले विधायक हॉस्टल में करीब 6 से 8 विधायक सरकार की नाराजगी को लेकर आपसी मीटिंग कर चुके हैं। अंदर खाने लगभग आधे से ज्यादा विधायक आज भी इन से नाराज हैं । पिछले दिनों महिला राज्य मंत्री का मामला सुर्खियों में था जिसे लेकर भी मुख्यमंत्री और मंत्री के बीच भी आपसी समन्वय नहीं दिखा। यह तमाम मामले हैं जो बिल्कुल साफ करते हैं कि बीजेपी में कहीं भी समन्वय ,न मंत्रियों के बीच है ना विधायकों के बीच है और मुख्यमंत्री पूरी तरह निरंकुश हो चुके हैं जिसके चलते आम जनता का विकास प्रभावित हो रहा है जनहित की बात कोई नहीं कर रहा । जनता परेशान है,बेरोजगार सड़कों पर हैं,लोग आंदोलन को मजबूर हैं,जनता को समझ नहीं आ रहा अपना दुखड़ा सुनाएं तो सुनाएं पर किसे ?

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