देहरादून।सूबे के चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने विभाग के अंतर्गत संचालित केन्द्रीय एवं राज्य सरकार की योजनाओं का समयबद्ध क्रियान्वयन के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिये। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत विभिन्न निर्माण कार्यों में हो रही लेटलतीफी तथा बजट खर्च करने की धीमी गति पर नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई। विभागीय मंत्री ने प्रदेशभर के चिकित्सालयों में वर्षों से रिक्त पड़े एक्स-रे एवं लैब टेक्नीशियनों के पदों को एक माह के भीतर भरने तथा एनएचएम के अंतर्गत चल रही भर्ती प्रक्रिया को किसी भी हाल में 10 नवम्बर तक सम्पन्न करने के निर्देश दिये। उन्होंने महानिदेशक स्वास्थ्य को विभागीय कार्यों में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों एवं कार्मियों का स्पष्टीकरण मांगने के भी निर्देश दिये।

विभागीय मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने आज स्वास्थ्य महानिदेशालय में पहुंच कर विभाग द्वारा संचालित केन्द्र एंव राज्य सरकार की विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं की बारीकी से समीक्षा की। उन्होंने इस बात पर गहरी नाराजगी जताई कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा निर्माण कार्यों हेतु वित्तीय वर्ष 2021-22 में स्वीकृति 68 करोड़ की धनराशि में से केवल 17 करोड़ रूपये ही अभी तक खर्च किये हैं। इसके अलावा आपदा मोचन निधि एवं अन्य केन्द्रीय योजनाओं के क्रियान्वयन एवं बजट खर्च करने की धीमी गति पर विभागीय मंत्री ने नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों चेतावनी के साथ ही योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने को कहा। उन्होंने महानिदेशक स्वास्थ्य को प्रदेशभर के विभिन्न अस्पतालों में रिक्त एक्स-रे टेक्नीशियन एवं लैब टेक्नीशियनों के 240 पदों को एक माह के भीतर भरने तथा आवश्यकतानुसार अस्पतालों में वार्ड व्याय एवं सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत विभिन्न जनपदों में भरे जा रहे चिकित्साधिकारी, नर्स, फर्मासिस्ट, काउंसलर, टैक्नीशियन एवं एएनएम आदि के पदों को 10 नवम्बर तक भरने के निर्देश दिये। विभागीय मंत्री ने स्वास्थ्य महानिदेशालय के अंतर्गत संचालित सभी योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार एवं बजट के उपलब्ध के अनुरूप ग्रामीण क्षेत्र में स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन कर आम लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ पहुंचाने के निर्देश दिये। उन्होंने कोविड-19 संक्रमण के संभावित तीसरी लहर के मध्यनजर वैक्सीन की शत-प्रतिशत डोज लगाने के लिए आशा कार्यकत्रियों के माध्यम से सघन जागरूकता अभियान चालये जाने पर भी बल दिया।

एनएचएम की समीक्षा बैठक में मिशन निदेशक सोनिका ने बताया कि वर्ष 2021-22 में विभिन्न मदों में स्वीकृत 872 करोड़ के सापेक्ष 530 करोड़ की धनराशि प्राप्त हुई थी, जिसमें से 163 करोड़ की धनराशि का उपयोग कर लिया गया है। उन्होंने एनएचएम के तहत संचालित विभिन्न योजनाओं जननी सुरक्षा योजना, राष्ट्रीय बाल सुरक्षा योजना, टीबी उन्मूलन, तम्बाकू निषेध कार्यक्रम, राष्ट्रीय रैबीज जागरूता, राष्ट्रीय अंधता निवारण, रक्तचाप एवं मधुमेह रोगियों का उपचार, निःशुल्क जांच एवं दवा वितरण सहित विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी दी।

बैठक में मिशन निदेशक एनएचएम सोनिका, स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. तृप्ति बहुगुणा, निदेशक डॉ. सरोज नैथानी, डॉ. विनीता शाह, वित्त नियंत्रक कविता नबियाल, खजान चंद पाण्डे सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

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