मुंबई में विभिन्न स्थानों पर सोमवार, छह सितंबर, 2021 को “पोषण माह” के तहत समाज के विभिन्न वर्गों के बीच “पोषण जागरुकता अभियान” (पोषण जागरूकता अभियान) कार्यक्रमों की एक श्रृंखला आयोजित की जा रही है। केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती स्मृति जुबिन इरानी और केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री श्री मुख्तार अब्बास नकवी इन कार्यक्रमों में शामिल होंगे, जो केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय और केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किए जा रहे हैं।

पोषण जागरूकता कार्यक्रम छह सितंबर को अंजुमन-ए-इस्लाम गर्ल्स स्कूल, एस वी रोड, बाजार रोड, बांद्रा पश्चिम; महात्मा गांधी सेवा मंदिर हॉल, एस वी रोड, बांद्रा पश्चिम; सायन रेलवे स्टेशन के पास स्थित ऑवर लेडी ऑफ गुड काउंसल हाई स्कूल; और पारजोर फाउंडेशन के द दादर अथोर्नन इंस्टीट्यूट, फिरदौसी रोड, मंचेरजी जोशी पारसी कॉलोनी, दादर, मुंबई में आयोजित किए जाएंगे।

ईसाई, बौद्ध, मुस्लिम, पारसी, जैन और सिख समुदायों तथा गरीब एवं पिछड़े क्षेत्रों की महिलाएं अपने परिवार के सदस्यों के साथ मुंबई में पोषण अभियान कार्यक्रमों में शामिल होंगी। उन्हें पोषण के लाभों के बारे में बताया जाएगा। इस अवसर पर पोषाहार किट भी वितरित किए जाएंगे।

पोषण अभियान कार्यक्रमों में भाग लेने से पहले, महिला एवं बाल विकास मंत्री धारावी में एक आईसीडीएस (एकीकृत बाल विकास सेवा) केंद्र का दौरा करेंगी और उसी दिन यानी छह सितंबर, 2021 को आईसीडीएस लाभार्थियों और गैर सरकारी संगठनों के साथ बातचीत करेंगी। वह योजना के तहत लाभ प्राप्त करने वाले नागरिकों के घर भी जाएंगी।

महिला एवं बाल विकास मंत्री ने कहा कि भारत सरकार ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में कुपोषण से निपटने के लिए मार्च 2018 में पोषण अभियान शुरू किया था। “पोषण अभियान के शुभारंभ के बाद से, सितंबर के महीने को समाज में व्यवहार परिवर्तन लाने के लिए विशेष समर्पित गतिविधियों को अंजाम देने के उद्देश्य से ‘पोषण माह’ के रूप में मनाया जाता है। जहां पोषण माह 2019 में पूरे भारत में 3.66 करोड़ गतिविधियां आयोजित की गईं, वहीं वर्ष 2020 में आंगनबाड़ियों और सार्वजनिक स्थानों पर बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण अभियान तथा पोषक उद्यान विकसित करने की शुरुआत हुई। पोषण माह 2020 के दौरान 12.84 लाख वृक्षारोपण अभियान चलाए गए।”

वहीं अल्पसंख्यक कार्य मंत्री ने कहा कि “पोषण अभियान” इस वजह से महत्वपूर्ण है क्योंकि देश भारत की आजादी के 75 साल “आजादी का अमृत महोत्सव” मना रहा है। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सरकार ने लड़कियों और महिलाओं के अच्छे स्वास्थ्य एवं भलाई के लिए प्रतिबद्धता के साथ काम किया है। पोषण अभियान, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, मिशन इंद्रधनुष, स्वच्छ भारत मिशन और उज्ज्वला योजना जैसी योजनाएं इसके उदाहरण हैं।”

संसद सदस्य श्रीमती पूनम महाजन, श्री गोपाल शेट्टी, श्री मनोज कोटक और श्री राहुल राजेश शेवाले; महिला एवं बाल विकास मंत्री, महाराष्ट्र सरकार, श्रीमती यशोमती चंद्रकांत ठाकुर; विधायक श्री एम पी लोढ़ा और श्री आशीष शेलार; सचिव, केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, श्री इंदेवर पांडेय; सचिव, केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय, श्रीमती रेणुका कुमार; सचिव एनसीएम और सीएमडी एनएमडीएफसी, श्री एस के देव वर्मन; संयुक्त सचिव, केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, श्रीमती पल्लवी अग्रवाल और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मुंबई में विभिन्न स्थानों पर आयोजित होने वाले पोषण अभियान जागरूकता अभियान में शामिल होंगे। साथ ही अंजुमन-ए-इस्लाम के अध्यक्ष, डॉ ज़हीर काजी; बॉम्बे पारसी पंचायत की अध्यक्ष सुश्री अर्माती तिरंदाज और सामाजिक एवं शिक्षा क्षेत्रों के अन्य प्रमुख लोग भी इसमें हिस्सा लेंगे।

पोषण अभियान के बारे में जानकारी

पोषण (प्राइम मिनिस्टर्स ओवरआर्चिंग स्कीम फोर होलिस्टिक न्यूट्रिशन) अभियान बच्चों, किशोरियों, गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं के लिए पोषण संबंधी परिणामों में सुधार करने के लिए भारत सरकार का प्रमुख कार्यक्रम है। आठ मार्च, 2018 को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा शुरू किए गए इस अभियान का उद्देश्य कुपोषण की समस्या से मिशन-मोड में निपटना है।

मिशन पोषण 2.0 (सक्षम आंगनवाड़ी और पोषण 2.0) को बजट 2021-2022 में एक एकीकृत पोषण सहायता कार्यक्रम के रूप में घोषित किया गया है, ताकि स्वास्थ्य, कल्याण और बीमारियों से प्रतिरक्षा एवं पोषण को बढ़ावा देने वाली पद्धतियों के विकास पर ध्यान देने के साथ पोषण सामग्री, वितरण, पहुंच तथा परिणामों को मजबूत किया जा सके।

पोषण माह 2021

इस वर्ष, जब भारत आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है, तेज और गहन पहुंच सुनिश्चित करने के लिए पोषण माह 2021 को विषयगत तरीके से मनाया जा रहा है। समग्र पोषण में सुधार की दिशा में केंद्रित और समेकित दृष्टिकोण के लिए सितंबर 2021 के पूरे महीने को साप्ताहिक विषयों में बांटा गया है। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने राज्यों और केंद्र शासित क्षेत्रों के साथ मिलकर पूरे महीने के लिए कई गतिविधियों की योजना बनाई है।

एकीकृत बाल विकास सेवा (आईसीडीएस) योजना

एकीकृत बाल विकास सेवा (आईसीडीएस) योजना भारत सरकार के प्रमुख कार्यक्रमों में से एक है और प्रारंभिक बाल्यावस्था की देखभाल और विकास के लिए दुनिया के सबसे बड़े एवं अनूठे कार्यक्रमों में से एक का प्रतिनिधित्व करती है। यह देश की अपने बच्चों और बच्चों को स्तनपान कराने वाली माताओं को लेकर प्रतिबद्धता का सबसे महत्वपूर्ण प्रतीक है। योजना का उद्देश्य जहां एक तरफ, स्कूल पूर्व अनौपचारिक शिक्षा प्रदान करना है तो दूसरी तरफ कुपोषण, रुग्णता, कम सीखने की क्षमता और मृत्यु दर के दुष्चक्र को तोड़ने की चुनौती से निपटना है। इस योजना के लाभार्थी शून्य से छह वर्ष के आयु वर्ग के बच्चे, गर्भवती महिलाएं और स्तनपान कराने वाली माताएं हैं।

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