जिलाधिकारी जोगदण्डे ने राजस्व , आबकारी, उद्योग, अभियोजन, खनन विभाग, पूर्ति, नगर निकायों कार्यों की समीक्षा की
पौड़ी । जिलाधिकारी डॉ0 विजय कुमार जोगदण्डे ने राजस्व विभाग, आबकारी, उद्योग, अभियोजन विभाग, खनन विभाग, पूर्ति, नगर निकायों जैसे रेखीय विभागों के अधिकारियों के राजस्व वसूली से संबंधित मामलों तथा प्रवर्तन कार्यों की समीक्षा की ।
जिलाधिकारी ने बैठक में संबंधित रेखीय विभागों को राजस्व वसूली तथा प्रवर्तन( निरीक्षण, नोटिस, कृत कार्यवाही) संबंधित कार्यो को नियमानुसार संपादित करने, अपने से संबंधित राजस्व की तेजी से वसुली करने व इस संबंध में विभिन्न न्यायालयो, ऐजेंसियों और विभागों से समन्वय करके तेजी से मामलों को निस्तारित करने के निर्देश दिये। साथ ही उन्होंने नियमित अन्तराल पर किये जाने वाले औचक निरीक्षण व छापेमारी इत्यादि कार्यो को निर्धारित प्रारूप पर निर्धारित समय में रिपोर्टिंग देने के निर्देश भी दिये।
जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि जिन प्रवर्तन(एनफोर्समेंट) प्रकरणों में तहसील स्तर से उप जिलाधिकारी व तहसीलदार के स्तर से निरीक्षण किया जाना है या विभागीय स्तर पर विभागीय व विभिन्न विभागों के साथ संयुक्त निरीक्षण/छापेमारी की जानी हैं वहां पर औचक निरीक्षण करना सुनिश्चित करें। उन्होंने जिला आबकारी अधिकारी से उनके द्वारा कितने औचक निरीक्षण किये गये, निरीक्षण के दौरान खामियां पाये जाने पर कितने वाद दायर किये, नोटिस दिये, समन, तथा कितनों पर कार्यवाही हुई इन सबका तत्काल विवरण प्रस्तुत करने को कहा। साथ ही उन्होंने सभी उप जिलाधिकारियों व तहसीलदारों को एक माह में कम से कम 02 एक्साइज की दुकानों का औचक निरीक्षण कर राजस्व के सही प्रबंधन व नियमानुसार संचालन सुनिश्चित करवाने को कहा। उन्होंने पूर्ति विभाग के ऐसे पूर्ति निरीक्षक जिन्होंने नियमानुसार खाद्य गोदामों, पेट्रोल पंप, एलपीजी गोदाम इत्यादि का औचक निरीक्षण और अपने फिल्ड कार्यो में लापरवाही बरतीे उनसे स्पष्टीकरण लेने के निर्देश देते हुए जिला पूर्ति अधिकारी को भी अपने स्तर पर तथा पूर्ति निरीक्षकों के माध्यम से भी नियमानुसार प्रत्येक माह निरीक्षण करते हुए कृत कार्यवाही का विवरण देने को कहा।
जिलाधिकारी ने अभियोजन विभाग को निर्देशित किया कि विभिन्न वादों से संबंधित मामलों में पुलिस के स्तर से तथा विभिन्न न्यायालयों के स्तर पर जो भी प्रकरण लंबित हैं, उनके शीघ्र निस्तारण में तेजी लाने के लिए यथोचित पहल करने को कहा। साथ ही उन्होंने अपर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में एक कमेठी गठित करते हुए ऐसे आपराधिक मामलों जो हत्या, दहेज हत्या, 376 प्रकृति के हो तथा जिनमें यदि कोई व्यक्ति दोषमुक्त होता है तो समिति उस मामले की तह तक जायेगी कि किन कारणों से दोषमुक्त हुआ है तथा यदि कोई कमी रह जाती है तो उस पर संज्ञान लेकर उसमें सुधार करेगी।
जिलाधिकारी ने समस्त नगर निकायों(नगर निगम, नगर पालिका व नगर पंचायत) को उनके अधीन चल रहे विभिन्न निर्माण कार्यो यथा सौलिड एवं तरल वेस्ट प्रबंधन, कांजी हाउस निर्माण, अतिक्रमण के विरूद्व चलाये अभियान, विधायक निधी के कार्यो इत्यादि की भौतिक व वित्तीय प्रगति का विवरण देने तथा निर्धारित समय पर नियमानुसार रिपोर्टिंग करने के निर्देश दियें।
इसके अतिरिक्त जिलाधिकारी ने समस्त उप जिलाधिकारियों व तहसीलदारों को औधौगिक क्षेत्र के प्लान्ट, खनन क्षेत्र के भंडारण स्थल आदि का भी नियमानुसार औचक निरीक्षण करते हुए पाये जाने कमियों में सुधार करने को कहा तथा नियमविरूद्व संचालन एवं भंडारण करने पर वैधानिक कार्यवाही करने के निर्देश दिये। साथ ही कलेक्ट्रेट के सभी सैक्शन (पटल) प्रभारियों को राजस्व वसूली के विभिन्न विभागों से संबंधित प्रकरणों में संबंधित रेखीय विभागों से लगातार पहल करते हुए राजस्व वसूली के कार्यो में तेजी लाने व उसक स्पष्ट व सही विवरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिये।
इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी ईला गिरी, उप निदेशक भूतत्व एवं खनिकर्म दिनेश कुमार, संभागीय परिवहन अधिकारी अनीता चंद, आबकारी अधिकारी के. पी सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी के. एस कोली सहित अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

