झूठे शपथ पत्र जांच मामले में राजभवन की सच मानें या ऊर्जा विभाग की:मोर्चा

झूठे शपथ पत्र जांच मामले में राजभवन की सच मानें या ऊर्जा विभाग की:मोर्चा
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# डेढ़ साल से राजभवन से ऊर्जा विभाग में नहीं पहुंच पा रहे पत्र। #एमडी द्वारा झूठा शपथ पत्र प्रस्तुत करने का है मामला।

विकासनगर- जन संघर्ष मोर्चा अध्यक्ष एवं जीएमवीएन के पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी ने पत्रकारों से वार्ता करते हुए कहा कि सरकार द्वारा श्री अनिल कुमार को अक्टूबर 2021 में यूपीसीएल का एमडी नियुक्त किया गया था, उक्त अधिकारी ने अपने शपथ पत्र में अपने खिलाफ कोई जांच लंबित न होने का उल्लेख कर एवं सरकार को गुमराह कर एमडी की कुर्सी हथिया ली, जबकि सरकार को इनके काले कारनामों की थोड़ी बहुत जानकारी थी।

उक्त अधिकारी के द्वारा नियुक्ति से पूर्व सरकार के समक्ष झूठा शपथ पत्र प्रस्तुत किया गया, जिसको लेकर मोर्चा द्वारा राज भवन को पत्र प्रेषित किया गया था, जिसमें 8 जुलाई 2022 को राजभवन ने सचिव, ऊर्जा को कार्रवाई के निर्देश दिए थे, लेकिन एक वर्ष बाद शासन ने बताया कि राजभवन का पत्र उनको प्राप्त ही नहीं हुआ है। उक्त के उपरांत मोर्चा द्वारा पुन: राजभवन से आग्रह किया गया, जिसके क्रम में राज भवन ने 31 जुलाई 2023 को फिर पत्र सचिव, ऊर्जा को प्रेषित किया, लेकिन ऊर्जा विभाग ने 26 सितंबर 2023 को बताया कि राजभवन से पत्र प्राप्त ही नहीं हुआ है।

नेगी ने कहा कि उक्त अधिकारी के खिलाफ ट्रांसफॉमर्स की गुणवत्ता/ खरीद मामले में लगभग 3-4 वर्ष से जांच लंबित है; बावजूद इसके इनको एमडी, यूपीसीएल की नियुक्ति प्रदान की गई । नेगी ने कहा कि सचिव, ऊर्जा द्वारा वर्ष 2019 में इनके घोटाले का संज्ञान लेते हुए इस प्रकरण पर तीनों निगमों के प्रबंध निदेशकों एवं निदेशक (परिचालन) यूपीसीएल की एक संयुक्त कमेटी का गठन करते हुए उक्त घोटाले की जांच रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए थे । मोर्चा ने दुख जताते हुए कहा कि इन हालातों में भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ कैसे करवाई होगी एवं प्रदेश को कैसे बचाया जा सकेगा।

पत्रकार वार्ता में-दिलबाग सिंह व भीम सिंह बिष्ट मौजूद थे।

देवभूमि खबर

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