पर्यावरण मित्रों को मिलें सरकार की सभी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ: भगवत प्रसाद मकवाना
देहरादून।उत्तराखंड राज्य सफाई कर्मचारी आयोग के उपाध्यक्ष (राज्य मंत्री स्तर) भगवत प्रसाद मकवाना ने नगर निगम देहरादून में आयोजित समीक्षा बैठक में पर्यावरण मित्रों से जुड़ी समस्याओं की गहन समीक्षा की। बैठक में उन्होंने कहा कि सरकार पर्यावरण मित्रों को समाज की मुख्यधारा में लाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और सभी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उन्हें दिया जाना सुनिश्चित हो।
उपाध्यक्ष ने निर्देश दिए कि प्रत्येक सफाई कर्मचारी को ईपीएफ, ईएसआई की सुविधा के साथ आईडी कार्ड भी जारी किया जाए। उन्होंने कहा कि स्थायी सफाई कर्मचारियों को गोल्डन कार्ड और अस्थायी कर्मचारियों को आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत लाभ दिया जाए।
उन्होंने सफाई कर्मचारियों को प्रति दिन न्यूनतम 500 रुपए वेतन, साप्ताहिक अवकाश, और समय से वेतन भुगतान सुनिश्चित करने के भी स्पष्ट निर्देश अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा कि आउटसोर्सिंग एजेंसियों और ठेकेदारों को भी समय पर भुगतान के लिए जवाबदेह बनाया जाए।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि सफाई कर्मचारियों के बैंक खाते और आधार कार्ड के मिलान हेतु शिविर लगाए जाएंगे ताकि किसी प्रकार की त्रुटि न रह जाए। उपाध्यक्ष ने यह भी बताया कि सफाई कर्मियों के बच्चों की उच्च शिक्षा के लिए भारत सरकार द्वारा देश में 10 लाख और विदेश में 20 लाख रुपए तक ऋण की सुविधा दी जा रही है, जिसकी जानकारी शिविरों में दी जाए।
बैठक में कई विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे, लेकिन कुछ विभागों जैसे एआरटीओ, एलडीएम, जल संस्थान व श्रम विभाग के प्रतिनिधियों की अनुपस्थिति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों का स्पष्टीकरण भी तलब किया गया।
बैठक में मुख्य नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अविनाश मेहता, नगर निगम के अपर आयुक्त हेमंत कुमार वर्मा, सहायक नगर आयुक्त राजवीर सिंह चौहान, जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार, समाज कल्याण अधिकारी दीपांकर घिल्डियाल, एडीपीआरओ संजय बडोनी, आयोग सदस्य राकेश, विभिन्न नगर पालिकाओं के अधिशासी अभियंता, सेवा प्रदाता एजेंसियों के प्रतिनिधि तथा सफाई कर्मचारी यूनियनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

