अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस पर देहरादून में एचआईवी/एड्स व नशा मुक्ति पर जागरूकता, योगदानकर्ताओं का सम्मान

अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस पर देहरादून में एचआईवी/एड्स व नशा मुक्ति पर जागरूकता, योगदानकर्ताओं का सम्मान
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देहरादून। अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर शहर में विशेष स्वास्थ्य एवं नशा मुक्ति जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में युवाओं को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, नशे से दूर रहने तथा समाज में सकारात्मक योगदान देने के लिए प्रेरित किया गया।

देहरादून के राजपुर रोड स्थित एन.आई.पी.वी.डी. सभागार में उत्तराखंड राज्य एड्स नियंत्रण समिति द्वारा एचआईवी/एड्स की रोकथाम, जागरूकता तथा नशा मुक्त उत्तराखंड विषय पर एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में अपर परियोजना निदेशक डॉ. अमित शुक्ला, शिक्षाविद् व सामाजिक कार्यकर्ता श्री ललित जोशी, सूचना एवं लोकसंपर्क विभाग के उपनिदेशक श्री रवि बिरजानियां, हुडको के रीजनल हेड श्री संजय भार्गव, सामाजिक कार्यकर्ता श्री अनिल वर्मा सहित सैकड़ों छात्र-छात्राएं और गैर-सरकारी संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए।

कार्यक्रम का स्वागत संबोधन डॉ. अमित शुक्ला द्वारा किया गया। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड राज्य एड्स नियंत्रण समिति के माध्यम से एचआईवी/एड्स की रोकथाम व जागरूकता हेतु विविध योजनाएं संचालित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि सरकार एवं गैर-सरकारी संगठनों के सहयोग से जागरूकता शिविर, मोबाइल हेल्थ क्लिनिक, युवा संवाद, और स्कूल-कॉलेजों में सेमिनार जैसे कार्यक्रम निरंतर चल रहे हैं। डॉ. शुक्ला ने युवाओं से आह्वान किया कि वे जानकारी के ब्रांड एंबेसडर बनें और ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में सही जानकारी का प्रसार करें।

मुख्य वक्ता श्री ललित जोशी, जो लंबे समय से नशा मुक्ति अभियान से जुड़े हैं ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा युवा शक्ति किसी भी राष्ट्र की रीढ़ होती है। जिस दिशा में युवा सोचते हैं, वही दिशा देश को मिलती है।उन्होंने युवाओं को नकारात्मक प्रवृत्तियों से दूर रहकर समाज सेवा, स्वास्थ्य, शिक्षा और पर्यावरण संरक्षण जैसे सकारात्मक कार्यों में भाग लेने का आह्वान किया। श्री ललित जोशी ने कहा कि स्वस्थ युवा ही एक सशक्त राष्ट्र की नींव होते हैं।

उपनिदेशक सूचना एवं लोकसंपर्क विभाग, श्री रवि बिरजानियां ने युवाओं को क्वालिटी एजुकेशन के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि शिक्षा ही युवाओं को आत्मनिर्भर और राष्ट्र के लिए उपयोगी नागरिक बना सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि नशे से युवाओं को दूर रखने के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं, जिसमें सरकार, समाज और युवा स्वयं मिलकर बदलाव ला सकते हैं।

हुडको के रीजनल हेड, श्री संजय भार्गव ने युवाओं से समाज के प्रति अपने उत्तरदायित्व को समझने की अपील की। उन्होंने कहा कि एचआईवी/एड्स एक सामाजिक मुद्दा है, जिसे केवल चिकित्सा नहीं, बल्कि समझदारी और संवेदनशीलता से ही रोका जा सकता है। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि कॉरपोरेट क्षेत्र को युवाओं को स्वस्थ जीवनशैली और सामाजिक सेवा से जोड़ने वाले मंच देने चाहिए।

हंसा कला ग्रुप” द्वारा प्रस्तुत नुक्कड़ नाटक ने कार्यक्रम में विशेष रंग भरा। नाटक में एचआईवी/एड्स के फैलने के कारण, बचाव के उपाय, और नशे के दुष्परिणामों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया। प्रस्तुति ने युवाओं को यह समझाया कि किस प्रकार अज्ञानता और सामाजिक भ्रांतियां रोग को बढ़ावा देती हैं, और शिक्षा व जागरूकता से इसे रोका जा सकता है।

इस अवसर पर जागरूकता फैलाने और नशा मुक्ति अभियान में विशेष योगदान देने वाले सामाजिक कार्यकर्ताओं, शिक्षकों और स्वयंसेवकों को सम्मानित किया गया। आयोजकों ने बताया कि इस तरह के कार्यक्रमों का उद्देश्य युवाओं में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को बढ़ावा देना है।

देवभूमि खबर

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