मंत्री महाराज पंचायत कार्यों की जांच से पीछे क्यों हटे? – जन संघर्ष मोर्चा

मंत्री महाराज पंचायत कार्यों की जांच से पीछे क्यों हटे? – जन संघर्ष मोर्चा
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विकासनगर।जन संघर्ष मोर्चा अध्यक्ष एवं जीएमवीएन के पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी ने पंचायतों में हुए विकास कार्यों की जांच को लेकर पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री सतपाल महाराज पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

नेगी ने पत्रकार वार्ता में कहा कि लगभग 9–10 माह पूर्व सतपाल महाराज ने जिला पंचायत, क्षेत्र पंचायत और ग्राम पंचायतों में कराए गए विकास कार्यों की जांच कराने की घोषणा की थी। लेकिन घोषणा के बाद मामले में मंत्री की चुप्पी और जांच प्रक्रिया का ठप हो जाना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने आशंका जताई कि हो सकता है मंत्री किसी दबाव या डर के कारण जांच को आगे नहीं बढ़ा पा रहे हैं।

मोर्चा अध्यक्ष नेगी ने आरोप लगाया कि पंचायतों में कराए गए विकास कार्यों का अधिकांश हिस्सा सिर्फ कागजों तक ही सीमित है। उनके अनुसार, धरातल पर मुश्किल से 30–40 प्रतिशत धनराशि ही वास्तविक कार्यों में खर्च हुई, जबकि शेष धनराशि अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की मिलीभगत से हड़प ली गई। करीब 15–20 प्रतिशत कार्य तो हुए ही नहीं, बावजूद इसके उनकी राशि का भुगतान दिखाकर बजट का दुरुपयोग कर दिया गया।

उन्होंने बताया कि एक ही कार्य को अलग-अलग नामों से दिखाकर दो-तीन बार भुगतान उठाया गया। जैसे, “ए के घर से बी के घर तक सड़क” और उसी सड़क को “बी के घर से ए के घर तक” के नाम से दर्शा कर करोड़ों का गबन किया गया।

नेगी ने सवाल उठाया कि आखिर क्यों जिला पंचायत अध्यक्ष, ब्लॉक प्रमुख और ग्राम प्रधान पद हासिल करने के लिए करोड़ों-अरबों रुपए खर्च किए जाते हैं? क्या यह रकम बाद में विकास कार्यों के नाम पर वसूली और लूट के जरिए पूरी की जाती है?

मोर्चा ने मांग की है कि मंत्री सतपाल महाराज अपनी घोषणा के अनुसार पंचायत कार्यों की व्यापक जांच तत्काल कराएं और दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करें।

इस अवसर पर दिलबाग सिंह, भीम सिंह बिष्ट, अमित जैन और प्रमोद शर्मा भी मौजूद रहे।

देवभूमि खबर

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