हरिद्वार पुलिस ने 36 घंटे के भीतर होटल संचालक के बेटे के अपहरण की गुत्थी सुलझाई
हरिद्वार ।पुलिस ने एसएसपी प्रमेन्द्र सिंह डोबाल की अगुवाई में बड़ी सफलता हासिल करते हुए 36 घंटे के भीतर होटल संचालक के बेटे अनवर के अपहरण और हत्या का खुलासा कर दिया। पुलिस ने मुख्य साजिशकर्ता सहित दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। वारदात के बाद आरोपियों ने मृतक के परिजनों से पच्चीस लाख रुपये की फिरौती मांगी थी।
बेड़पुर कलियर निवासी होटल संचालक नसीर ने 7 सितम्बर को थाना कलियर में शिकायत दर्ज कराई थी कि 6 सितम्बर की देर रात उनके दामाद को बेटे अनवर के मोबाइल से कॉल आई थी। अज्ञात अपहरणकर्ताओं ने बेटे के अपहरण की जानकारी देते हुए उसकी जान की सलामती के लिए पच्चीस लाख रुपये की फिरौती मांगी। शिकायत के आधार पर थाना कलियर पर मुकदमा दर्ज किया गया और मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने स्वयं मॉनिटरिंग संभालते हुए थाना कलियर व सीआईयू रुड़की की संयुक्त टीम गठित कर अपहृत को शीघ्र सकुशल बरामद करने के निर्देश दिए।
पुलिस टीम ने लगातार प्रयास कर डिजिटल और मानवीय खुफिया इनपुट जुटाए। प्रारंभिक सुरागों के आधार पर होटल संचालक के यहां सात साल से किराए पर रह रहे टेलर अमजद और उसके दोस्त फरमान उर्फ लालू को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया। सख्ती से पूछताछ करने पर दोनों ने कबूल किया कि पैसों के लालच में आकर उन्होंने यूट्यूब और क्राइम पेट्रोल देखकर अपहरण व पुलिस से बचने के तरीके सीखे थे। इसके बाद 6 सितम्बर की शाम अनवर को अपनी दुकान पर बुलाकर गला दबाकर हत्या कर दी और शव को प्लास्टिक के बोरे में बंद कर मोटरसाइकिल से ले जाने लगे। रास्ते में मोटरसाइकिल पंचर हो जाने पर ई-रिक्शा मंगाया और शव को सुमन नगर के पास नहर में फेंक दिया।
शव को ठिकाने लगाने के बाद दोनों आरोपी मेले में घूमते रहे और लौटते समय मृतक का मोबाइल प्रयोग कर परिजनों को फोन कर पच्चीस लाख रुपये की फिरौती मांगी। अगले दिन भी अलग-अलग स्थानों पर रकम लाने के लिए बुलाया गया, पर जब परिजन नहीं पहुंचे तो आरोपियों ने मोबाइल बंद कर दिया और घर लौट गए।
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर वारदात में प्रयुक्त मोटरसाइकिल, ई-रिक्शा, मृतक का मोबाइल फोन और शव ले जाने के लिए इस्तेमाल किया गया प्लास्टिक का बोरा बरामद किया है। इस खुलासे में पुलिस और एसओजी की टीमों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

