आंदोलनकारी आश्रितों की नियुक्ति में देरी पर नाराजगी, शहीद स्मारक पर बैठक कर सरकार को चेतावनी
देहरादून।उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी मंच ने आंदोलनकारी आश्रितों की नियुक्ति के मुद्दे पर देरी को लेकर नाराजगी जताते हुए कचहरी स्थित शहीद स्मारक पर आपात बैठक आयोजित की। मंच के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि सचिव गृह से हुई वार्ता में दिए गए आश्वासनों के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
मंच के अनुसार 18 मार्च को सचिवालय घेराव के बाद सचिव गृह शैलेश बगोली के साथ हुई बैठक में यह भरोसा दिया गया था कि आंदोलनकारी आश्रितों की नियुक्ति से संबंधित प्रकरण को अगली कैबिनेट में लाकर समाधान किया जाएगा। साथ ही 15 दिनों के भीतर निर्णय लेकर उन अभ्यर्थियों को नियुक्ति देने की बात कही गई थी, जो परीक्षा और साक्षात्कार के बाद चयनित हो चुके हैं। यह भी आश्वासन दिया गया था कि अंतिम निर्णय तक संबंधित पदों को नहीं भरा जाएगा। हालांकि निर्धारित समय बीतने के बाद भी कोई प्रगति न होने पर आंदोलनकारियों में असंतोष बढ़ गया है।
बैठक में मंच के प्रदेश अध्यक्ष जगमोहन सिंह नेगी और प्रदेश महासचिव राम लाल खंडूरी ने सरकार से शीघ्र कैबिनेट में मामला लाकर समाधान करने की मांग की। इसके साथ ही चिन्हिकरण प्रक्रिया को तेज करने, चयनित सूची को जल्द जारी करने और लंबित मामलों पर नियमित बैठकें आयोजित करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
वक्ताओं ने विधानसभा द्वारा आंदोलनकारियों के लिए पारित 10 प्रतिशत आरक्षण को बिना किसी बदलाव के लागू करने की मांग भी उठाई। उन्होंने कहा कि नियमावली के नाम पर प्रावधानों में बदलाव कर आंदोलनकारियों के बीच भेदभाव न किया जाए और सभी चिन्हित आंदोलनकारियों के आश्रितों को समान रूप से इसका लाभ दिया जाए।
मंच पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि अगली कैबिनेट बैठक में इन मुद्दों का समाधान नहीं किया गया, तो वे मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने को बाध्य होंगे, जिसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
बैठक की अध्यक्षता केशव उनियाल ने की, जबकि संचालन पूर्ण सिंह लिंगवाल द्वारा किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में आंदोलनकारी उपस्थित रहे और विभिन्न वक्ताओं ने अपने विचार रखे।

