भूमि धोखाधड़ी पर प्रशासन सख्त, 51 मामलों का निस्तारण, 5 में एफआईआर के निर्देश

भूमि धोखाधड़ी पर प्रशासन सख्त, 51 मामलों का निस्तारण, 5 में एफआईआर के निर्देश
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देहरादून। प्रदेश में भूमि धोखाधड़ी के मामलों पर जीरो टॉलरेंस नीति के तहत प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडेय की अध्यक्षता में आयोजित लैंड फ्रॉड समन्वय समिति की बैठक में 51 मामलों का निस्तारण किया गया, जबकि 5 मामलों में एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए गए।

बैठक में कुल 170 मामलों में से अब तक 77 मामलों की सुनवाई पूरी हो चुकी है। आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण किया जाए और जहां संयुक्त निरीक्षण आवश्यक हो, वहां एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। साथ ही 15 दिन के भीतर पुनः समीक्षा बैठक आयोजित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

समीक्षा के दौरान कई चौंकाने वाले मामले सामने आए, जिनमें एक ही खसरे की भूमि को दो अलग-अलग व्यक्तियों को बेचने और अन्य स्थानों की भूमि पर कब्जा दिलाने जैसे गंभीर फर्जीवाड़े उजागर हुए। एक मामले में बाहरी राज्य के व्यक्तियों द्वारा नियमों का उल्लंघन कर भूमि खरीदने और व्यावसायिक उपयोग करने पर संबंधित भूमि को सरकार में निहित करने तथा एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए गए।

आयुक्त ने सरकारी भूमि पर अवैध कब्जों के मामलों में अनिवार्य रूप से एफआईआर दर्ज करने और पुलिस द्वारा प्रभावी जांच सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी।

बैठक में अनुपस्थित रहने पर उप जिलाधिकारियों से स्पष्टीकरण तलब करने तथा एक मामले में आवश्यक जानकारी प्रस्तुत न करने पर तहसीलदार को तत्काल रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए।

आयुक्त ने स्पष्ट कहा कि भूमि धोखाधड़ी से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी प्रकरणों में त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

देवभूमि खबर

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