कथित 210 करोड़ की बेनामी संपत्ति के आरोपों पर सरकार दे जवाब: उमा गौड़ सिसोदिया

देहरादून। आम आदमी पार्टी की उत्तराखंड प्रदेश अध्यक्ष उमा गौड़ सिसोदिया ने कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य को लेकर सामने आए कथित 210 करोड़ रुपये की बेनामी संपत्ति के आरोपों पर भाजपा सरकार से जवाब मांगा है। उन्होंने आरोपों को गंभीर बताते हुए सरकार से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और जांच की स्थिति जनता के सामने रखने की मांग की। साथ ही उन्होंने रेखा आर्य से नैतिकता के आधार पर इस्तीफा देने की अपील की।
उमा गौड़ सिसोदिया ने कहा कि कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य के पति गिरधारी लाल साहू की ओर से लगाए गए आरोपों के संबंध में सरकार को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। उनका कहना है कि दस वर्षों में कथित तौर पर 210 करोड़ रुपये की बेनामी संपत्ति अर्जित करने से जुड़े आरोपों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। इन आरोपों की सच्चाई सामने लाने के लिए निष्पक्ष जांच आवश्यक है।
आप प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि प्रदेश की जनता सरकार से पारदर्शिता और जवाबदेही की अपेक्षा करती है। जब किसी मंत्री की संपत्ति को लेकर गंभीर सवाल उठते हैं, तो सरकार की जिम्मेदारी है कि वह तथ्यों को सामने रखे और जांच की स्थिति स्पष्ट करे। उन्होंने संबंधित संपत्तियों के स्रोत, स्वामित्व और आय के ज्ञात साधनों से जुड़े सवालों की सक्षम एजेंसी से जांच कराने की मांग की।
उमा गौड़ सिसोदिया ने कहा कि भाजपा सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई और सुशासन की बात करती है। ऐसे में उसे स्पष्ट करना चाहिए कि इन आरोपों के संबंध में अब तक क्या कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि केवल बयान देने से जनता के सवालों का समाधान नहीं होगा, बल्कि निष्पक्ष जांच के जरिए तथ्यों को सार्वजनिक करना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में नैतिकता और जवाबदेही महत्वपूर्ण हैं। रेखा आर्य को इन आरोपों पर अपना पक्ष स्पष्ट करना चाहिए और नैतिकता के आधार पर इस्तीफा देने पर विचार करना चाहिए। उन्होंने यह भी मांग की कि जांच निष्पक्ष हो और किसी भी व्यक्ति को उसके पद या राजनीतिक प्रभाव के कारण विशेष छूट न मिले।
उमा गौड़ सिसोदिया ने भाजपा सरकार से पूरे मामले पर आधिकारिक पक्ष सार्वजनिक करने, जांच की स्थिति बताने और जनता के सामने तथ्य रखने की मांग की। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी पारदर्शिता और जवाबदेही के मुद्दे पर सरकार से जवाब मांगती रहेगी।


