मन्त्री ने डेयरी विकास विभाग की समीक्षा के दौरान

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रूद्रप्रयागराज्यमन्त्री (स्वतन्त्र प्रभार) उच्च शिक्षा, सहकारिता, प्रोटोकाॅल एवं दुग्ध विकास धन सिंह रावत की अध्यक्षता में जिला योजना संरचना वर्ष 2019-20 के अनुमोदित परिव्यय के अन्तर्गत योजनाओं का अनुमोदन किया गया।
मन्त्री ने डेयरी विकास विभाग की समीक्षा के दौरान कहा कि डेयरी विभाग गाँव-गाँव तक अपनी योजनाओं का लाभ नही पहुँचा पा रहा है। लोगों को गाँव में जानकारी नही होती कि दुग्ध समितियों को दूध देने से क्या-क्या लाभ मिलते है। सरकार के द्वारा दूध में रू0 04 की अतिरिक्त धनराशि के साथ ही फीड (चारा) में भी रू0 04 प्रति किग्रा. दिया जाता है। साथ ही जो व्यक्ति समितियों से जुड़कर समिति को दूध देता है, सरकार घर तक निःशुल्क फीड (चारा) भी पहुँचाती है। डेयरी विभाग को जन जागरण के माध्यम से योजनाओं का प्रचार व पैकेट औेर समिति के दूध में अन्तर बताना होगा, तभी लोग समितियों को दूध देगें व अन्य लोग खरीदेगें। घर का दूध 24 घंटे से अधिक समय तक बिना उबाल के रखने पर खराब हो जाता है जबकि पैकेट का दूध चार दिन तक भी खराब नही होता। जिलाधिकारी की अध्यक्षता में समिति दुग्ध उत्पादक क्षेत्रों में छापे मारे जिससे दूध की गुणवत्ता बनी रहे।
सहकारिता विभाग की समीक्षा के दौरान समिति के सचिवों को सशक्त बनाये जाने की बात कही। कहा कि इस वर्ष सहकारिता की आवश्यकतानुसार पूर्ण बजट दे दिया जाएगा। किन्तु आगामी वर्ष के लिए विभाग कार्ययोजना बनाए कि किस प्रकार समितियाँ लाभ अर्जित करे। मूलतः समिति में सचिवों की नियुक्ति का उद्देश्य ही यही था कि लाभ से सचिवों को मानदेय दिया जाए। सभी समितियों को सक्रिय कर कार्य कराया जाए जिससे वे अपनी आय लाभ से निकाल सके।
एआर सहकारिता को सचिवों को आत्मनिर्भर बनाये जाने हेतु प्रोजेक्ट बनाकर जिलाधिकारी को प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर रूद्रप्रयाग विधायक मा0 भरत सिंह चैधरी, केदारनाथ विघायक मा0 मनोज सिंह रावत, राज्यमन्त्री घनानन्द, जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल, पुलिस अधीक्षक अजय सिंह, मुख्य विकास अधिकारी सरदार सिंह चैहान, अपर जिलाधिकारी अरविंद कुमार पाण्डेय, जिला अर्थ संख्याधिकारी शंशाक गिरी, एपीडी रमेश चन्द्र, वरिष्ठ कोषाधिकारी शशि सिंह, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डाॅ रमेश नितवाल सहित जनपद स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।

देवभूमि खबर

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