संस्कृत शिक्षकों ने संस्कृत के प्रति सकारात्मक सोच के लिए गंगा मैया से की प्रार्थना
हरिद्वार। प्रबंधकीय संस्कृत शिक्षक संघ जनपद हरिद्वार के बैनरतले संस्कृत शिक्षकों का प्रदेश सरकार के खिलाफ संस्कृत भाषा के प्रति उदासीनता का रवैया को देखते हुए संस्कृत प्रबंध की संस्कृत समिति ने हरिद्वार स्थित खन्नानगर घाट में एकत्रित होकर प्रदेश सरकार के जन जागृति हेतु संस्कृत के प्रति उदासीनता के रवैया को सकारात्मक सोच के लिए गंगा मैया से प्रार्थना करते हुए प्रदेश सरकार संस्कृत के कार्यो को तेजी से आगे लावे साथ ही गंगा किनारे एक छोटा सा प्रदेश सरकार को चेतावनी देने के लिए यज्ञ का आयोजन किया गया। ताकि हमारे प्रदेश के मुखिया हमारी संस्कृत भाषा के उन्नयन के लिए उत्थान के लिए और कई वर्षों से संस्कृत विद्यालय महाविद्यालय में अल्प वेतन में पढ़ा रहे शिक्षकों की अनदेखी सरकार कर रही है।
सरकार को चेतावनी देने के लिए यह यज्ञ का आयोजन किया गया। सरकार को यज्ञ के माध्यम से गंगा पूजन के माध्यम से 10 दिन का समय संस्कृत शिक्षक संगठन ने दिया है। यदि इन 10 दिनों के अंतर्गत किसी प्रकार की कोई सरकार संस्कृति के प्रति रणनीति या कार्य योजना नहीं बनाती है तो संस्कृत शिक्षक एक वृहद आंदोलन बाध्य होंगे। उससे पूर्व शिक्षकगण समाज में लोगों को जन जागृत करते हुए सरकार को चेतावनी की कोशिश करेंगे। यज्ञ की गंगा पूजन की अध्यक्षता करते हुए समिति के जिलाध्यक्ष केशव दत्त बलियानी ने की। उन्होंने कहा कि प्रदेश के मुखिया संस्कृत के प्रति अपने उदासीन रवैया को छोड़ कर संस्कृत शिक्षकों की अनदेखी न करते हुए यथाशीघ्र उनके कार्यों को गतिमान करें। कार्यक्रम में समिति के सचिव महेश चंद्र बहुगुणा ने इस कार्यक्रम का संचालन किया।
इस अवसर पर कोषाध्यक्ष जगतनयन बहुखण्डी , डॉ नवीन चंद्र पंत ,डॉ महावीर गैरोला, देवकीनंदन शर्मा ,डॉ सुशील त्यागी, हेमंत तिवारी ,गोपी रमण झा , जसुदेव ढौढियाल,रवीश तिवारी, कमलेश ध्यानी, तारा उपाध्याय, उमा जोशी प्रकाश तिवारी, मनोज शर्मा अनेक अध्यापक उपस्थित रहे।

