भारतीय चिकित्सा परिषद में कार्यकारी रजिस्ट्रार का पद आयुर्वेद चिकित्सक की जगह फार्मासिस्ट को
देहरादून ।उत्तराखंड क्रांति दल ने भारतीय चिकित्सा परिषद उत्तराखंड में पिछले कई माह से अनियमित कार्यों और आयुष चिकित्सकों के हितो के विरोध में कार्य करने के आरोप लगाए।उक्रांद ने परिषद में कार्यकारी रजिस्ट्रार के पद पर आयुर्वेद चिकित्सक की जगह फार्मासिस्ट को नियुक्त करने पर सवाल उठाए। आयुष चिकित्सा पद्धति की देश मे छवि धूमिल होती जा रही है।
उक्रांद नेताओं ने आयुष पर आरोप लगाते हुए कहा कि उत्तराखंड के एलोपैथी व होम्योपैथीक में रजिस्ट्रार डॉक्टर है, फिर उत्तराखंड के भारतीय चिकित्सा परिषद में एक फार्मासिस्ट को को रजिस्ट्रार पद पर विराजमान रखना कंहा का औचित्य है।।ऐसा प्रतीत होता है कि यह कार्य व्यक्तिगत स्वार्थ के वशीभूत होकर अनियमित कार्यों को करवाने की मंशा से और आयुर्वेद चिकित्सकों को अपमानित करने के लिए किया जा रहा है। नेताओं ने कहा कि क्या परिषद को हज़ारों की संख्या में रजिस्टर्ड आयुर्वेद चिकित्सकों में से एक भी योग्य चिकित्सक नहीं मिला जो इस पद को संभाल सके?
दल का स्पष्ट का मानना है कि जिस चिकित्सा परिषद में बीएएमएस, एमडी, पीएचडी आयुर्वेद की डिग्री वाले उच्च शिक्षित चिकित्सकों का रजिस्ट्रेशन किया जाता हो, क्या उस परिषद का रजिस्ट्रार पद एक फार्मासिस्ट को दिया जाना चाहिये।
यदि उच्चाधिकारियों को हज़ारों योग्य आयुर्वेद चिकित्सकों(वैद्यों) की जगह फार्मासिस्ट का रजिस्ट्रार के पद पर आसीन करना उचित प्रतीत होता है तो सम्भवतः सीसीआईएम जो इन सभी संस्थाओं की मातृ एवं केन्द्रीय संस्था है उसके रजिस्ट्रार और अध्यक्ष पर भी फार्मासिस्ट को ही आसीन करवा दिया जाय।परिषद के अध्यक्ष की भूमिका हर विवादित निर्णय में शामिल होती है। इस अध्यक्ष के रहते सबका यह मानना है कि आने वाले समय मे भी स्वार्थ के वशीभूत होकर ऐसे ही गलत निर्णय लिए जाने की संभावना है। अत: परिषद के अध्यक्ष पद पर भी किसी योग्य और ईमानदार व्यक्ति को नियुक्त करवाने की कार्यवाही करने की जानी चाहिए।परिषद के अध्यक्ष की डिग्रियां तक संदिग्ध है, जिसकी जाँच दल करवायेगा। कोविड-19 के अंतर्गत सरकारी पैसे का दुरुपयोग तक हुआ, विभागीय मंत्री के परिवार के सदस्य के एनजीओ को धन निर्गत किया गया है। कोविड 19 में भारतीय चिकित्सा परिषद की भूमिका संदेहपूर्ण है। परिषद के अध्यक्ष का स्वयं अनमोल आयुर्वेदिक संस्थान है जिसके वह निदेशक भी है। भारतीय चिकित्सा परिषद उत्तराखंड में फर्जी डॉक्टरों का रजिस्ट्रेशन कर रहा है जो कि अन्य प्रदेश के डॉक्टरों का किया जा रहा है।दल का स्पष्ट मानना है कि परिषद के अध्यक्ष की भूमिका की जांच की जाय व रजिस्ट्रार पद पर आयुष डॉक्टर को ही नियुक्त किया जाय।
प्रेस वार्ता में सुनील ध्यानी, शिव प्रसाद सेमवाल,लताफत हुसैन,ऋषि राणा उपस्थित थे।

