भाजपा के पांच वर्षों का कार्यकाल घोर निराशाजनक:विजय बौड़ाई

भाजपा के पांच वर्षों का कार्यकाल घोर निराशाजनक:विजय बौड़ाई
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देहरादून।उत्तराखंड में भाजपा का यह कार्यकाल घोर निराशाजनक रहा और इस दौर में जनता ने स्वयं को छला हुआ महसूस किय।
केंद्रीय प्रवक्ता विजय बौड़ाई ने कहा कि वर्तमान भाजपा सरकार ने जनता के साथ साथ प्रदेश के बेरोजगारों व कर्मचारियों के साथ भी धोखा किया।राज्य में पेयजल, ऊर्जा , शिक्षक उपनल कर्मचारी संगठन अपनी जायज मांगी को लेकर पिछले पांच साल से आंदोलन कर रहे थे लेकिन सरकार ने हर समय इन सँगठमो को बरगलाया व एक भी जायज मांग पूरी नही की। पुरानीं पेंशन बहाली को लेकर कर्मचारी आंदोलित रहे , सरकार ने कर्मचारियों से वादा किया कि पुरानी पेंशन बहाल करेंगे परन्तु सरकार ने पुरानी पेंशन पर कमेटी गठित कर भारत सरकार को प्रस्ताव भिजवा दिया और मामला लटका कर पल्ला झाड़ने का कार्य किया।

पूर्व मुख्यमंत्री ने नर्सो की भर्ती हेतु नियमावली में गलत और अन्यायपूर्ण संसोधन कर लिखित परीक्षा का प्रावधान कर 2600 पदों पर भर्ती प्रक्रिया आरम्भ की, संसोधन इतने अन्याय पूर्ण थे कि बार बार भर्ती अटकी और सरकार की किरकिरी हुयी ,बाद में स्टाफ नर्स की नियमावली पूर्व की भांति की गयी और भर्ती प्रक्रिया आज तक लंबित है, एक शाल बाद भी किसी को नौकरी नही मिली।

उपनल से कार्यरत संविदा कर्मचारियों के साथ सरकार ने पुनः विस्वासघात किया और 2-3 हजार मानदेय बड़ा कर कर्मचारियों के नियमितिकरण को रोक दिया, कर्मचारी खुद को आज भी ठगा महसूस कर रहे हैं।

फार्मासिस्ट संवर्ग के 500से अधिक पदों को सरकार ने खत्म किया और प्रदेश के बेरोजगार फार्मासिस्टों पर लाठी चार्ज भी किया गया।

कोरोना महामारी में सबसे अधिक और फ्रंट में कार्य करने वाले राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के कार्मिकों को सरकार ने एक भी रू0की वृद्धि नही दी। 17 दिन ये कार्मिक आंदोलन में रहे और आंदोलन के बाद भी अपनी सेवायें कोविड में दिन रात दे रहे हैं फिर भी सरकार ने मानवीय आधार पर इन कर्मियों की मांगो पर सहानुभूति पूर्वक विचार नही किया। पूरे कोरोना काल में सबसे अधिक अन्याय इन्ही कार्मिकों के साथ हुआ।
उच्च शिक्षा, पालिटेक्निक में संविदा शिक्षकों को नियमितिकरण की सौगात तो मिली पर कर्मचारियों के शासनादेश निर्गत नही हो पाये।
पुलिस जवानों का ग्रेड पे 4600 करने का आदेश भी पुलिस कर्मियों को नही मिला और आचार संहिता तक यह प्रकरण भी सरकार के पाले में लटका है।भूक़ानून का मसला कमेटी बनाकर दरकिनार कर दिया।

केंद्रीय महामंत्री जयदीप भट्ट ने कहा कि भाजपा सरकार ने अपने 5 वर्ष के कार्यकाल में एक भी ठोस निर्णय किसी भी कर्मचारी संगठन के हित में नही लिया परन्तु इसी के बीच शिक्षा मंत्री गैस्ट शिक्षकों का मानदेय दस हजार और शिक्षा मित्रों का मानदेय 5000 बढ़ाने में सफल रहे ,परन्तु ये कार्मिक भी सुरक्षित भविष्य और स्थाई रोजगार से कोषों दूर हैं।
भाजपा की सरकार हो या पूर्ववर्ती कॉंग्रेस सरकार हो इन दोनों ने उत्तराखंड की भोली भाली जनता को ठगा है , पर्वतीय क्षेत्रों में पलायन अपने चरम पर है, स्वास्थ सेवाओं के।नाम सिर्फ बजट ठिकाने लगाया आज भी अस्पताल में इलाज नही मिलता।और गर्भवती माताऐं या तो सड़क में बच्चों को जन्म दे रही है या बिना इलाज के दम तो देती है। इसी तरह जंगली जानवरों द्वारा कितने नागरिकों को मौत के घाट उतारा जा रहे है।
रोजगार के नाम पर धामी सरकार हो हरीश, विजय बहुगुणा की सरकारे रही हो इन्होंने अपने लोंगो को ही रोजगार दिया और उच्च पदों पर तो कई भ्रष्टाचारियों को बिठा दिया, जो सिर्फ राज्य के संशाधनों की लूट खसोट में।लगी है। वर्तमान में तो भ्रस्टाचार इतने चरम पर है कि आचार संहिता लगने के बावजूद भी बैक डेट से नियुक्तियां की जा रही है। सरकार नैतिकता छोड़ कर सिर्फ अपने चहेतों के लिए संविधान के खिलाफ भी काम कर रहे हैं।
उत्तराखंड क्रांति दल इन दोनों की कारगुजारियां जनता के सामने ले जायेगा और एक साफ सुथरी विकासपरक सरकार के निर्माण के लिए जनता यूकेडी को अवश्य समर्थन देगी। शीघ्र ही दल सभी 70 सीटों पर अपने प्रत्याशियों की सूची जारी कर दी जाएगी।

देवभूमि खबर

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