हारी बाजी जीते धामी बने मुख्यमंत्री
देहरादून। मुख्यमंत्री को लेकर चल रहे कड़े मुकाबले में सांसद निशंक, अजय भट्ट व अनिल बलूनी को हरा कर कर भी जीत गए धामी। मुकाबला बहुत कड़ा होने के बाद पीएम मोदी के आशीर्वाद के बाद पुष्कर सिंह धामी ने हारी बाजी पलट कर अपनी ताकत का एहसास कराया। आज के फैसले के बाद प्रदेश की राजनीति के दिग्गजों के बीच धामी बड़े बाजीगर बन कर उभरे है।
पुष्कर सिंह धामी का खटीमा के चुनाव हारने के बाद मुख्यमंत्री को लेकर कई सशक्त लॉबी अपनी पैरवी करती नजर आ रही थी ।सतपाल महाराज से लेकर अनिल बलूनी को मुख्यमंत्री बनाने की पैरवी की जा रही थी।लेकिन दूसरी अरबएक सशक्त लॉबी शुरू से ही धामी के पक्ष में लगातार माहौल बना रहे थे। राज्यपाल भगत सिंह कोशियारी से लेकर पूर्व केंद्रीय मंत्री निशंक ,पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत अपने चेहतों को लेकर लॉबिंग कर रहे थे।केंद्रीय गृह मंत्री के खाश अनिल बलूनी को भी मुख्यमंत्री की दौड़ में गुपचुप तरीके से प्रस्तुत किया गया था लेकिन धामी की सशक्त लॉबी ने सबके हौसले पस्त कर धामी को मुख्यमंत्री का प्रबल दावेदार बनाकर अप्रत्याशित निर्णय के लिए मजबूर किया ।
केंद्रीय पर्यवेक्षक के रूप में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह व विदेश राज्य मंत्री मीनाक्षी लेखी विधायक दल की बैठक में उपस्थित में विधायक दल की बैठक में प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक ने पुष्कर सिंह धामी के नाम का प्रस्ताव रखा जिस पर सदस्यों ने उनके नाम पर सर्वसम्मति से मुहर लगाई। धामी के नाम पर रखे गए प्रस्ताव को सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया।
इस अवसर पर उत्तराखंड चुनाव प्रभारी रहे केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी, रक्षा राज्य मंत्री अजय भट्ट, पूर्व केंद्रीय मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक, लोकसभा सदस्य अजय टम्टा, महारानी माला राज्य लक्ष्मी शाह, तीरथ सिंह रावत, राज्यसभा सदस्य व भाजपा के राष्ट्रीय मीडिया प्रमुख अनिल बलूनी, राज्यसभा सदस्य नरेश बंसल भी इस अवसर पर उपस्थित रहे।

