सरकार आशा फैसिलिटेटर से काम तीस दिन का पैसा 20 दिन का देती है :रेनू नेगी
देहरादून।।उत्तराखंड आशा फैसिलेटर एवं आशा कार्यकर्ती संगठन के पदाधिकारियों ने आज प्रांतीय कार्यालय ऋषिकेश में बैठक आयोजित की।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए आशा फैसिलेटटर प्रदेश महामंत्री श्रीमती रेनू नेगी ने कहा कि हमको केन्द्र सरकार व राज्य सरकार के द्धारा बीस दिन की मोबोलिटी दी जाती है लेकिन बीस दिन की मोबिलिटी में तीस दिन का काम लिया जाता है। उत्तराखंड की आशा फैसिलिटेटर 20 दिन की मोबिलिटी मिलने के बाद भी तीस दिन काम करती है ।सन् 2010 से भारतीय राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत कार्यरत आशा फैसिलेटर अपना कामकाज को ईमानदारी से निभाती आ रही है।
उन्होंने कहा कि लंबे समय से आशा फैसिलेटरो ने शासन प्रशासन से 20 दिन की मोबिलिटी को 30 दिन करने के लिए कई बार गुहार लगाई ।यहां तक कि धरना प्रदर्शन करके सरकार को चेताया लेकिन अभी तक आशा फैसिलेटरो को 20 दिन की मुबोलिटी में 30 दिन का काम कराया जा रहा लेकिन पैसे 20 दिन का ही मिलता है।
इससे पहले आशा फैसिलेटरो के समर्थन में सामाजिक कार्यकर्ता प्रताप सिंह नेगी ने मुख्यमंत्री व स्वास्थ्य मंत्री को ज्ञापन भी सौंपा। पत्र के माध्यम से उन्होंने कहा कि आशा फैसिलेटरो को एक मजदूर के बराबर भी मानदेय नहीं मिलता है।आजकल के मंहगाई के समय पर एक मजदूर भी 15 हजार रुपये कमाता है।वैसे भी एक आशा फैसिलेटर 15 से 20 ग्राम पंचायतो में अपनी अपनी आशा कार्यकर्ताओं को लेकर स्वास्थ्य संबंधित व गर्भवती महिलाओं के टीकाकरण व छोटे बच्चों को पोलियों व अन्य जानकारी केलिए संपर्क करती रहती है।
सरकार को इन आशा फैसिलिटेटरो को कम से कम 20दिन की मोबिलिटी की जगह पर 30 दिन की मोबिलिटी करनी चाहिए।

