पांच महीने का मानदेय न मिलने पर भड़की आशा कार्यकत्री
देहरादून। चकराता विकासखंड के आशा कार्यकत्रियों ने श्रीमती कविता सेनवाल की अध्यक्षता में बैठक की। बैठक में कार्यकत्रियों ने लंबित देय को लेकर सरकार की कार्यप्रणाली पर रोष जताया।
कार्यकत्रियों ने कहा कि पांच महीने बीतने के बाद भी विभाग को मानदेय देने की सुध नहीं है । उन्होंने कहा कि लंबे समय से आशा एवं आशा फैसिलिटेटरो ने अपनी समस्यायों के लिए शासन प्रशासन से गुहार लगाई। तत्कालीन सरकार ने शासनादेश जारी करने के बाबजूद कुछ धन राशि हमारे खातों में डाली बकाया राशि अभी तक हमारे खातों में नहीं आयी। अप्रैल से अभी तक हमें हमारे मानदेय का भुगतान नहीं किया गया।गरीब परिवार की महिला पहाड़ी क्षेत्रों दुर्गम स्थानों में अपने दिनचर्या चलाने में काफी परेशानियों का सामना कर रही है।
आशा एवं आशा फैसिलिटेटरो ने शासन प्रशासन से जल्द से जल्द पांच महीने का रुका हुआ मानदेय व शासनादेश जारी कर बकाया धन राशि खातों में डलवाने की मांग की। उन्होंने कहा कि अगर शासन प्रशासन हमारी समस्यायों का समाधान नहीं करेगा तो हम जिला अधिकारी के दफ्तर में धरना प्रदर्शन करने को बाध्य हो जायेंगे। पांच महीने से मानदेय न मिलने हमे अपने घर परिवार को चलाने में काफी परेशानियां झेलनी पड़ रही है।
बैठक में श्रीमती कबित्ता सेनवाल आशा फैसिलेटर,मीना देवी आशा फैसिलेटर, ममता देवी आशा फैसिलेटर, रक्षा राणा आशा कार्यकर्ती, उजला देवी आशा कार्यकर्ती,शिला नौटियाल आशा कार्यकर्ती , गीता देवी आशा कार्यकर्ती, बबीता शर्मा आशा कार्यकर्ती मौजूद रहीं।

