त्रिवेन्द्र सरकार केन्द्र के इशारे पर लोकायुक्त गठन जानबूझकर टाल रही है : हरीश
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने आरोप लगाया है कि त्रिवेन्द्र सरकार राज्य में लोकायुक्त के गठन को केन्द्र के इशारे पर जानबूझकर टाल रही है.उन्होंने कहा, मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत के कई मंत्रियों के परिजनों के खिलाफ भूमि खरीद में भ्रष्टाचार के मामले सामने आये हैं. लेकिन इन मामलों में वह कुछ भी कार्रवाई करते नहीं दिख रहे हैं.
रावत ने कहा कि उत्तराखंड में एनएच घोटाला सामने आया था. भाजपा सरकार ने बड़े जोरशोर से दावा किया कि इसकी जांच सीबीआई को सौंपी जाएगी. कांग्रेस ने एसआईटी गठित करने की मांग की थी, लेकिन राज्य सरकार ने अब एसआईटी के हाथ भी बांध दिये कि भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होगी. इससे लगता है कि भ्रष्टाचार को बिल्कुल बर्दाश्त नही करने का इनका जो दावा है वह बिल्कुल मुखौटा है.
पूर्व मुख्यमंत्री रावत ने कहा, मोदी जी ही केन्द्र में लोकपाल नहीं लाने दे रहे, जब वह मुख्यमंत्री थे तो वह लोकायुक्त नहीं लाये और अब लोकपाल नहीं आ रहा. उन्होंने बताया कि जब राज्य सरकार लोकायुक्त से संबंधित विधेयक विधानसभा में लाई तो विपक्ष ने उसे पूर समर्थन दिया. लेकिन सरकार की तरफ से ही उसे प्रवर समिति के पास भेज दिया गया. उन्होंने कहा कि हमने प्रवर समिति में भी पूरा सहयोग दिया, लेकिन अभी तक इस मामले में कुछ नहीं हुआ.
केन्द्र सरकार के कारण लोकायुक्त बनने में देरी
रावत ने आरोप लगाया कि उत्तराखंड में लोकायुक्त बनने में जो देरी हो रही है वह केन्द्र सरकार के कारण ही है. दिल्लीवाले कह रहे हैं जब अभी हमने लोकपाल नहीं बनाया तो तुम क्यों उछल-कूद रहे हो. रावत ने उत्तराखंड में कांग्रेस में खींचतान होने की बात से इंकार किया. उन्होंने कहा कि यह छोटा राज्य है, इसलिए यह बात सामने आ जाती है. उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्यों तो ऐसी बातें सामने नहीं आती हैं. उन्होंने कहा कि राज्य में सभी नेता एकजुट हैं.
