पर्यावरण को जीवंत बनाए रखने का प्रतीक है हरेला पर्वः पं० राजेन्द्र अणथ्वाल

पर्यावरण को जीवंत बनाए रखने का प्रतीक है हरेला पर्वः पं० राजेन्द्र अणथ्वाल
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देहरादून। गुरूवार को गौ-सेवा आयोग अध्यक्ष पं० राजेन्द्र अंणथ्वाल ने पशुपालन निदेशालय परिसर में हरेला पर्व पर फलदार पौधों का रोपण किया। इस दौरान पशुपालन निदेशालय के प्रांगण में मौजूद कर्मचारियों ने आम, लीची तथा जामुन के पौधो का रोपण किया।

इस मौके पर पं० राजेन्द्र अणथ्वाल कहा कि हरेला पर्व प्रकृति संरक्षण का संदेश देता है। यह पर्यावरण रक्षा और बारहमासा खेती को जीवंत बनाए रखने का प्रतीक पर्व है। हरेला पर्व हमारी परंपराओं व संस्कृति से जुड़ा पर्यावरण संरक्षण का महोत्सव है। देवभूमि उत्तराखंड में प्रकृति प्रेम एवं पर्यावरण संरक्षण की प्राचीन परंपरा रही है। हमें अपनी पर्यावरण हितैषी परंपराओं को आगे बढ़ाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि स्वयं के शरीर को स्वस्थ रखने के साथ ही प्रकृति को सुंदर, स्वच्छ रखना भी हमारी उतनी ही जिम्मेदारी है। इसलिए प्रकृति को सुंदर और स्वच्छ रखने के लिए हमें ज्यादा से ज्यादा वृक्षारोपण करना चाहिए। उन्होंने कहा कि ये ब़डे हर्ष का विषय है कि आज हरेला जन-जन का त्यौहार बन गया है।

इस मौके पर पशुपालन निदेशक डा० प्रेम कुमार समेत विभागीय कर्मचारी मौजूद रहे।

देवभूमि खबर

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