पुलिस लाइन में पुलिस महानिदेशक अनिल के रतूड़ी को दी गयी भव्य विदाई
देहरादून।पुलिस महानिदेशक अनिल के रतूड़ी की अधिवर्षता आयु पूर्ण सेवानिवृत्त के अवसर पर पुलिस लाइन में विदाई भव्य रैतिक परेड का आयोजन किया गया । उत्तराखंड पुलिस की विभिन्न शाखाओं के जवानों ने डीजीपी को सलामी दी।
डीजीपी अनिल रतूड़ी ने विदाई समारोह के भव्य परेड़ से सम्मान देने पर पुलिस महानिदेशक अपराध और कानून व्यवस्था अशोक कुमार, पुलिस महानिरीक्षक गढ़वाल रेंज अभिनव कुमार व उप महानिरीक्षक अरुण मोहन जोशी का विशेष तौर पर धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि पिछले मुझे खुशी है कि आज देश की मानवीय पुलिसों में हमारी गिनती होती है। ये सब हमारे सिपाहियों की बदौलत है जो अल्प वेतन के बावजूद इतनी कठिन व चुनौतीपूर्ण नौकरी कर रहे हैं।।पुलिस महानिदेशक के पद पर रहते हुए खासतौर से उत्तराखंड पुलिस को नजदीक से देखने का अवसर मिला। उत्तराखंड पुलिस में जो सिपाही हैं वो देश के बहुत ही विवेकशील, अनुशासित, कर्मठ सिपाहियों में गिने जाएंगे। उनके पसीने के बलबूते पर आज हम उत्तराखंड पुलिस को यहां तक ले आए। इंस्पेक्टर और सब इंस्पेक्टर बहुत शालीन, सभ्य होने के साथ ही बहुत मानवीय और प्रोफेशनल हैं। ।।।इस अवसर पर एक लम्बी सेवा अन्तराल के पश्चात विभिन्न जगहों में काम करने के बाद आज मैं केवल यहीं कह सकता हूं कि जो भी हम कर पाये वो एक टीम के आधार पर कर पाये। कोई भी व्यक्ति बहुत छोटा होता है, उसको एक स्थान ही कोई बडा दिया जा सकता है लेकिन व्यक्ति के पास जनरली कोई सुपर ह्युमन की क़्वालिटी नहीं होती , जब तक वह टीम के साथ एक होकर मिलकर लक्ष्य की ओर काम नहीं करेगी तब तक कोई काम नहीं हो सकता। आज इस अवसर पर मैं विशेष तौर से जब से मैं ओ0एस0डी0 उत्तराखण्ड आया अगस्त 2000 से और आज 30 नवम्बर 2020 को सौभाग्य से मैं पुलिस महानिदेशक के पद से सेवानिवृत हो रहा हूं। उस पद पर रहते हुए मुझे खासतौर से उत्तराखण्ड पुलिस को बहुत नजदीकी से देखने का अवसर मिला। मैं यह कह सकता हूं कि हमारे खासतौर के जो सिपाही है वो देश के बहुत ही विवेकशील, अनुशासित, कर्मठ सिपाहियों में गिने जायेंगे। उनके पसीने के बलबूते पर आज हम उत्तराखण्ड पुलिस को यहां तक ले आये और हमारे सब इन्सपेक्टर हमारे इन्सपेक्टर बहुत शालीन, बहुत सभ्य, बहुत मानवीय बहुत प्रोफेश्नल है । ये एक बहुत बड़ा नया चैप्टर हम लोगों ने इस प्रान्त में पिछले 20 वर्ष में हम सबने मिलकर इस ओर कार्य किया है और मुझे खुशी है कि आज हम देश की सभ्य पुलिसों में, मानवीय पुलिसों में हमारी गिनती होती है। ये सब आप सब की हमारे सिपाहियों की विशेष तौर से जो अल्प वेतन के बावजूद इतनी कठिन चित व्रग्य तलवार की ढाल पर चलने वाली चुनौतीपूर्ण नौकरी क रहे है। जहां कभी –कभी अपनी जान को भी जोखिम में डालना होता है।
इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक अपराध एवं कानून व्यवस्था अशोक कुमार ने कहा कि उत्तराखंड पुलिस की स्थापना और विकास में डीजीपी अनिल के रतूड़ी की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उत्तराखंड पुलिस की 20 साल की विकास यात्रा के साक्षी रहे डीजीपी का नाम उत्तराखंड पुलिस के इतिहास में हमेशा स्वर्णिम अक्षरों में लिखा जाएगा। उन्होंने कहा कि डीजीपी के कार्यकाल के दौरान उन्हें बहुत कुछ सीखने को मिला है।
डीजीपी के नेतृत्व में उत्तराखंड पुलिस ने कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की। पहली बार देश के 15000 से अधिक थानों में उत्तराखंड पुलिस के तीन थाने देश के टॉप- 10 में उत्कृष्ठ रहे। अधीनस्थों को पूर्ण सम्मान दिया। प्रयास रहेगा कि डीजीपी रतूड़ी के पद चिह्नों पर चल कर उत्तराखंड पुलिस को नई ऊंचाई पर ले जाएंगे।
इस मौके पर अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, पुलिस महानिदेशक हरियाणा,मनोज यादव, राज्य सूचना आयुक्त जेपी ममगाईं , राम सिंह मीणा सेवानिवृत्त एडीजी, पीविके प्रसाद, अपर पुलिस महानिदेशक, सीबीसीआईडी आदि मौजूद रहे।
