डीएम स्वाति भदौरिया ने केन्द्रीय विद्यालय के सही तरीके से संचालन को लेकर जायजा लिया
चमोली।केन्द्रीय विद्यालय गोपेश्वर का जल्द उच्चीकरण होगा। यहाॅ पर अगले सत्र से 11वीं की कक्षाएं भी शुरू की जाएंगी। जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया ने गुरूवार को केन्द्रीय विद्यालय गोपेश्वर में अभिभावकों के साथ बैठक करते हुए यह बात कही।
अभिभावकों की विभिन्न समस्याओं को लेकर जिलाधिकारी ने गुरूवार को नर्सिंग काॅलेज पठियालधार स्थित केन्द्रीय विद्यालय के सही तरीके से संचालन को लेकर जायजा लिया। उन्होंने अभिभावको के साथ बैठक करते हुए उनकी समस्याओं को सुना। अभिभावकों ने केन्द्रीय विद्यालय में 11वीं कक्षा न होने से बच्चों की आगे की पढाई में हो रही परेशानी तथा विद्यालय का अपना भवन न होने की समस्याएं प्रमुखता से जिलाधिकारी के समक्ष रखी। जिस पर जिलाधिकारी ने कहा कि अगले सत्र से केन्द्रीय विद्यालय में 11वीं की कक्षा शुरू करने का पूरा प्रयास किया जाएगा। उन्होंने प्रधानाचार्य को निर्देश दिए कि विद्यालय के उच्चीकरण प्रस्ताव को निर्देशालय स्तर पर व्यक्तिगत रूप से देखे और इस संबध सभी आवश्यक कार्यवाही करना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि 11वी कक्षाओं के संचालन के लिए शीघ्र ही अतिरिक्त कक्षाकक्ष भी तैयार किए जाएगे।
केन्द्रीय विद्यालय का अपना भवन निर्माण शुरू न होने की समस्या पर जिलाधिकारी ने कार्यदायी संस्था के बारे में जानकारी ली। इस दौरान बताया गया कि यूपी जल निगम को भवन निमार्ण हेतु कार्यदायी संस्था बनाया गया है। उन्होंने प्रधानाचार्य को विद्यालय भवन निर्माण शुरू करने हेतु शीघ्र कार्यदायी संस्था को निर्देशित करने को कहा। निर्माण कार्य जल्द शुरू न करने पर कार्यदायी संस्था को बदलने हेतु कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। लीसा बैंड के निकट लगभग 3 एकड (60नाली) भूमि पर केन्द्रीय विद्यालय भवन निर्माण होना है। भवन निर्माण के लिए वित्तीय स्वीकृति भी मिल चुकी है।
जिलाधिकारी ने कहा कि बच्चों के स्कूल आने-जाने की सुविधा के लिए अक्टूबर से 32 सीटर स्कूल बस का संचालन भी शुरू किया जाएगा। उन्होंने केन्द्रीय विद्यालय भवन एवं सभी कक्षाकक्षों की सफेदी कराने, शौचालयों में पानी का कनेक्शन जोड़ने तथा विद्यालय परिसर की तारबाड (फैन्सिंग) कराने हेतु शीघ्र आंगणन उपलब्ध कराने के निर्देश प्रधानाचार्य को दिए। कहा इसका पूरा खर्चा जिला प्रशासन के द्वारा वहन किया जाएगा। उन्हांेने केन्द्रीय विद्यालय में शिक्षा के स्तर में भी सुधार लाने निर्देश दिए। कहा कि प्रत्येक सोमवार को सभी विषयों में बच्चों का सरप्राइज टेस्ट लेकर शिक्षा की गुणवत्ता का आंकलन सुनिश्चित करें। इस दौरान उन्होनें क्रीडा कक्ष, कम्प्यूटर कक्ष, म्यूजिक रूम का निरीक्षण किया तथा विद्यालय में उपलब्ध आवश्यक संशाधनों की जानकारी ली। कहा कि विद्यालय को यदि फर्नीचर, कम्प्यूटर, खेलकूद, म्यूजिकल उपकरण आदि कोई भी सामग्री की आवश्यकता है, तो इसकी डिमांड उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।
केन्द्रीय विद्यालय का अपना भवन निर्माण शुरू न होने की समस्या पर जिलाधिकारी ने कार्यदायी संस्था के बारे में जानकारी ली। इस दौरान बताया गया कि यूपी जल निगम को भवन निमार्ण हेतु कार्यदायी संस्था बनाया गया है। उन्होंने प्रधानाचार्य को विद्यालय भवन निर्माण शुरू करने हेतु शीघ्र कार्यदायी संस्था को निर्देशित करने को कहा। निर्माण कार्य जल्द शुरू न करने पर कार्यदायी संस्था को बदलने हेतु कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। लीसा बैंड के निकट लगभग 3 एकड (60नाली) भूमि पर केन्द्रीय विद्यालय भवन निर्माण होना है। भवन निर्माण के लिए वित्तीय स्वीकृति भी मिल चुकी है।
जिलाधिकारी ने कहा कि बच्चों के स्कूल आने-जाने की सुविधा के लिए अक्टूबर से 32 सीटर स्कूल बस का संचालन भी शुरू किया जाएगा। उन्होंने केन्द्रीय विद्यालय भवन एवं सभी कक्षाकक्षों की सफेदी कराने, शौचालयों में पानी का कनेक्शन जोड़ने तथा विद्यालय परिसर की तारबाड (फैन्सिंग) कराने हेतु शीघ्र आंगणन उपलब्ध कराने के निर्देश प्रधानाचार्य को दिए। कहा इसका पूरा खर्चा जिला प्रशासन के द्वारा वहन किया जाएगा। उन्हांेने केन्द्रीय विद्यालय में शिक्षा के स्तर में भी सुधार लाने निर्देश दिए। कहा कि प्रत्येक सोमवार को सभी विषयों में बच्चों का सरप्राइज टेस्ट लेकर शिक्षा की गुणवत्ता का आंकलन सुनिश्चित करें। इस दौरान उन्होनें क्रीडा कक्ष, कम्प्यूटर कक्ष, म्यूजिक रूम का निरीक्षण किया तथा विद्यालय में उपलब्ध आवश्यक संशाधनों की जानकारी ली। कहा कि विद्यालय को यदि फर्नीचर, कम्प्यूटर, खेलकूद, म्यूजिकल उपकरण आदि कोई भी सामग्री की आवश्यकता है, तो इसकी डिमांड उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।
इस अवसर मुख्य कोषाधिकारी बीरेन्द्र कुमार, प्रधानचार्य प्रदीप कुमार, शिक्षक भारत भूषण, हयात सिंह, रूचिता भारती, युक्ता राठी, प्रमोद भट्ट सहित बच्चों के अभिभावक गोविन्द राम पुरोहित,पूरन सिंह, गोविन्द रावत, सोनिका, गणेशी देवी आदि मौजूद थे।
