8 नवंबर का यह दिन भारत में काले दिन के रूप में जाना जाता है:जोत सिंह

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ऋषिकेश। कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष जोत सिंह बिष्ट ने कहा कि 8 नवंबर का यह दिन भारत में काले दिन के रूप में जाना जाता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नोटबंदी संबंधी तुगलकी फरमान के बाद गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों ने अनेक परेशानियां झेली हैं।
उन्होंने कहा कि नोटबंदी लागू करते हुए हमारे प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री ने कहा था कि नोटबंदी से काला धन वापस आएगा, नकली मुद्रा चलन से बाहर हो जाएगी तथा आतंकवादियों की कमर टूट जाएगी, आतंकवाद पर लगाम लगेगी, लेकिन 3 साल गुजर जाने के बाद भी देश में नोटबंदी के बाद काले धन के रूप में एक रुपए भी कहीं से वापस नहीं आया। 500 और 1000 के नोट बंद करके मोदी सरकार ने 2000 के नोट चलन में लाकर नकली करेंसी का खतरा बढ़ा दिया है।
कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष ने कहा कि आतंकवादी घटनाओं पर रोक लगाने में भारत सरकार पूरी तरह से नाकाम रही है। हम कह सकते हैं कि प्रधानमंत्री मोदी ने पूरे देश की भावना के विपरीत नोटबंदी, जिस उद्देश्य की पूर्ति के लिए लागू की थी भारत सरकार उस उद्देश्य की प्राप्ति में एक प्रतिशत भी सफल नहीं हो पाई, बल्कि नोटबंदी के कारण देश में आर्थिक मंदी का जो दौर शुरू हुआ, उस वजह से आज देश मे बेरोजगारी चरम पर है।उन्होंने बताया कि कांग्रेस पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी के निर्देश पर 5 नवंबर से 15 नवंबर तक देश की आर्थिक हालात से आम जन को अवगत कराने के उद्देश्य से जनजागरण अभियान चला रही है। ताकि लोग भविष्य में सही फैसला ले सकें। इस मौके पर प्रदेश महामंत्री जयपाल जाटव, एआइसीसी सदस्य जयेंद्र रमोला, नगर कांग्रेस अध्यक्ष विनय सारस्वत, कांग्रेस नगर अध्यक्ष शिवमोहन मिश्र, पार्षद राकेश सिंह, अक्षत गोयल मौजूद थे।

देवभूमि खबर

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