वनों में आग लगाने वालों के विरूद्ध कठोर कार्यवाही अमल में लायी जायेगी:धीराज सिंह गर्ब्याल

पौड़ी।देवभूमि खबर।जिलाधिकारी गढ़वाल धीराज सिंह गर्ब्याल ने आज अपने कैंप कार्यालय पौडी में फायर सीजन को मध्य नजर रखते हुए वन अग्नि सुरक्षा प्रबंधन बैठक की अध्यक्षता करते हुए, उपस्थित सभी अधिकारियों को अपने-अपने दायित्व की सक्रीयता से निर्वहन हेतु अवश्यक दिशा निर्देश दिये। वनाग्नि नियंत्रण हेतु उन्होने वन पंचायतों की फरवरी माह के भीतर निर्वाचन प्रक्रिया पूर्ण कर, वन पंचायतों को प्रशिक्षित करने के निर्देश दिये। जबकि लोनिवि के समस्त मार्गों के दोनों ओर पीरूल एवं ज्वलनशील कूडा को सफाई करने के निर्देश दिये।
जिलाधिकारी ने कहा कि वनों में आग लगाने वालों के विरूद्ध कठोर कार्यवाही अमल में लायी जायेगी। जिस हेतु उन्होने क्षेत्र के संबंधित पटवारी, थाना/चैकी प्रभारी एवं आरओ वन विभाग को वनों में आग लगाने वाले के विरूद्ध एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिये। साथ ही वन पादप एवं जीव जन्तु को क्षति पहुंचाने व आपदा आदि की सुसंगत धारा भी दर्ज करने को कहा। उन्होने उक्त कार्य को सक्रीयता से लेने हेतु उपजिलाधिकारी, वनाधिकारी एवं पुलिस को निर्देशित किया। जिलाधिकारी ने कहा कि वन अग्नि सुरक्षा हेतु जनपद के रिक्त वन पंचायतों के पदों को फरवरी माह तक अनिवार्य रूप से निर्वाचन कराते हुए भरेगें। जिस हेतु उन्होने उपजिलाधिकारियों को निर्देशित किया। प्रभागीय वनाधिकारी को निर्देशित करते हुए कहा कि सभी वन पंचायतों के मेम्बरों को 15 दिन का प्रशिक्षण देते हुए वनाग्नि सुरक्षा के प्रति कार्य करने हेतु दक्ष बनायेगे। कहा कि वनाग्नि सुरक्षा के प्रति किसी भी प्रकार की लापरवाही न हो इस बात को सभी गम्भीरता से लेना सुनिश्चित करेंगे। उन्होने अभी से वनाग्नि से निपटने हेतु समुचित तैयारी करने को कहा। उन्होने आपदा के तहत टूल्स खरीदने हेतु आरओ वन विभाग को अपने संबंधित तहसील को सूचि उपलब्ध कराने के निर्देश दिये। जबकि वन अग्नि की सुरक्षा हेतु ब्लाक स्तर से ग्राम पंचायत स्तर तक के समस्त कर्मचारियों को जन जागरूकता हेतु दक्ष बनाने के लिए वनाधिकारी को निर्देशित किया। यह भी निर्देश दिये कि समस्त वन पंचायत अपने क्षेत्रान्तर्गत लीसा निकालने हेतु संबंधित उपजिलाधिकारी/वनाधिकारी को प्रस्ताव भेजना सुनिश्चित करेंगे। जबकि पीरूल पावर प्लान्ट हेतु मुख्य विकास अधिकारी को आवश्यक कार्यवाही हेतु निर्देश दिये। आपदा प्रबंधन अधिकारी को निर्देशित किया कि ग्राम पंचायतों पर आयोजित प्रशिक्षणों में वन अग्नि सुरक्षा के प्रति जागरूकता करेंगे। साथ ही वनों में आग लगाने वाले लोगों के विरूद्ध एफआईआर दर्ज करने की जानकारी भी देगें। उन्होने लोनिवि को 20 मार्च 2020 से वनाग्नि की सुरक्षा के प्रति सड़क के दोनो ओर सफाई करने के निर्देश दिये।
बैठक में प्रभागीय वनाधिकारी लक्ष्मण सिह रावत ने कहा कि जनपद में 15 फरवरी से 15 जून 2020 तक फायर सीजन रहेगा। जिस हेतु फरवरी से मार्च माह तक फायर वर्निंग कार्यक्रम चलाये जायेगे। उन्होने जनपद के सभी क्षेत्रों में वन अग्नि सुरक्षा हेतु वृहद स्तर पर जागरूकता करने को कहा जिससें की वनाग्नि को नियंत्रण किया जा सकें। कहा कि जनपद गढवाल के कुल भौगोलिक क्षेत्र 5329 वर्ग किमी0 है। जिसके सापेक्ष 72.26 प्रतिशत अभिलिखित वन क्षेत्र है। सैटेलाइट इमेजरी के विष्लेशण के अनुसार भौगोलिक क्षेत्र के 61.38 प्रतिशत वनाच्छादित है। जनपद अन्तर्गत 8 वन प्रभाग है। जबकि 218 क्रू-स्टेशन है। जिनमें गढवाल वन प्रभाग पौड़ी 44, लैंसडोन वन प्रभाग कोटद्वार 24, कालागढ़ टाईगर रिजर्व लैंसडोन 49, राजाजी टाइगर रिजर्व देहरादून 12, कार्बेट टाईगर रिजर्व रामनगर 18, सिविल सोयम वन प्रभाग पौड़ी 29, भूमि संरक्षण वन प्रभाग लैंसडोन 24 एवं अति0 भू0सं0 वन प्रभाग रामनगर 18 क्रू-स्टेशन है।
इस अवसर पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दलीप सिह कुवंर, मुख्य विकास अधिकारी हिमांशु खुराना, प्रभागीय वनाधिकारी सि0सो0 सन्तराम, उपजिलाधिकारी अंशुल सिंह, जिला विकास अधिकारी वेदप्रकाश,एसीएमओ अशोक कुमार, सीएफओ राजेन्द्र खाती, अ0अ0 जलसंस्थान सतेन्द्र कुमार, अ0अ0 न0पा0 प्रदीप बिष्ट, अ0अ0 लोनिवि एम एस नेगी, डीडीएमओ दीपेन्द्र काला, सहित समस्त संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

