मुख्य वन संरक्षक गढ़वाल मंडल ने ली पहली मण्डलीय समीक्षा बैठक
पौड़ी।मुख्य वन संरक्षक गढ़वाल मंडल पौड़ी सुशांत कुमार पटनायक ने आज गढ़वाल मण्डल में पहली मंडलीय समीक्षा बैठक ली। जबकि प्रमुख वन संरक्षक (एचएफएफ) उत्तराखण्ड देहरादून, अपर प्रमुख वन संरक्षक वित्त एवं नियोजन, मुख्य वन संरक्षक एन0टी0एफ0पी0 देहरादून प्रधान कार्यालय व अन्य जनपद क्षेत्र के संबंधित अधिकारियों ने वीडियों काॅन्फेस के माध्यम से प्रतिभाग किया। बैठक में वनाग्नि सुरक्षा, मानव व वन्यजीव संघर्ष कम करने, मुख्यमंत्री की घोषाणा के लंबित प्रकरणों की समीक्षा की गई। सीसीएफ गढ़वाल ने कहा कि विभाग पूरे मंडल में कई अभिनव प्रयास कर रहा है। कहा कि वनाग्नि सुरक्षा को लेकर पांच वर्षीय कार्ययोजना तैयार की जा रही है। उन्होंने कहा कि पहाड़ की विषम परिस्थितियों में आपात स्थिति पर त्वरित समाधान टीम की भी अहम भूमिका होगी।
वन विभाग परिसर कंडोलिया में मुख्य वन संरक्षक गढ़वाल सुशांत कुमार पटनायक ने मंडलीय समीक्षा बैठक में माह फरवरी में वन मुख्यालय देहरादून में वन संरक्षक सम्मेलन के अन्तर्गत दिये गये निर्णय के अनुपालन सम्बन्धी कार्यो की समीक्षा की। वनाग्नि सुरक्षा व प्रबन्धन की तैयारी के सम्बन्ध में ,चीड पिरूल आधारित पावर प्लांट के संचालन हेतु वन पंचायत, महिला समूह, युवक मंगल दल आदि के माध्यम से चीड़ पिरूल एकत्रित किये जाने के सम्बन्ध में चर्चा की गयी तथा निदेर्शित किया गया कि 15/02 से पूर्व फायर प्लान अवश्य तैयार कर लिया जाये तथा उसी के अनुसार अग्नि काल में कार्यवाही की जाये। फायर लाइन का फुकान कार्य अधिकतम 15/02 तक पूर्ण कर लिया जाये। कन्टोल रूम, क्रू-स्टेशन पर फायर वाॅचर की व्यवस्था लिये गये निर्णय के अुनसार कर लिया जाये। स्थानीय स्तर पर भम्रण व लगातार बैठक आदि आयोजित किये जाये। वन भूमि हस्तान्तरण प्रकरणों में चिन्हित क्षतिपूरक वृक्षारोपण क्षेत्र को संरक्षित वन घोषित करने में नोडल अधिकारी/शासन को प्रेषित की जाने वाली प्रस्तावों को वर्ष 1893 के अनुसार बेनाप सम्बन्धि प्रमाण पत्र 10/02 तक नोडल अधिकारी को उपलब्ध कराने तथा मानव वन्यजीव संघर्ष न्यूनीकरण पंचवर्षीय योजना को प्रभागीय स्तर पर तैयार किये जाने हेतु निदेर्शित किया गया। आजीविका, रोजगार सृजन व कौशल विकास से सम्बन्धित योजनाओ/प्रोजेक्ट तैयार किये जाने के सम्बन्ध में आवश्यक विचार-विमर्श कर निर्देश दिये गये। राजस्व प्राप्ति की समीक्षा व वन निगम से सम्बन्धित देय राॅयल्टी, प्रकाष्ठ/खनन लाॅटों में कार्यों की अद्यतम स्थिति के सम्बन्ध में वन निगम से महा प्रबन्धक श्री निशांत वर्मा द्वारा भी भाग लिया गया, उन्होंने अनुरोध किया कि वन विभाग अति शीघ्र लाटों का आंवटन वन निगम को उपलब्ध कराये। मुख्य वन संरक्षक गढ़वाल द्वारा वन निगम से अपेक्षा की गयी की वन निगम वन विभाग को लाटो के राजस्व अति शीघ्र उपलब्ध कराये। अवैध खनन गतिविधियों के सम्बन्ध में निदेर्शित किया गया कि खनन सुरक्षा टीम बनाकर अवैध खनन की रोकथाम करने तथा नियमित अन्र्तप्रभागीय चैकिंग करेंगे। उन्होने मा0 मुख्यमंत्री घोषणा के प्रकरणों में अति शीघ्र प्राक्कलन व डीपीआर बनाकर कार्यवाही करने के निर्देश दिये गये। साथ ही वानिकी कार्यों के जन-जागरूकता व प्रचार-प्रसार में स्थानीय ग्रामीणों व जन प्रतिनिधियों के मध्य सम्पर्क कायम कर व्यापक रूप से कार्यवाही करने के निर्देश दिये गये। कहा कि उत्कृष्ट कार्य हेतु वन कर्मियों के पुरस्कृत करने हेतु समय-समय पर सहायक वन संरक्षक व प्रभागीय वनाधिकारी कर्मचारियों के कार्यों का मूल्यांकन करते रहे तथा उन्हें उच्च स्तर से पुरस्कृत करने हेतु समय से संस्तुति करे, जिससे कर्मचारियों का मनोबल बना रहे। वानिकी कार्यों से सम्बन्धित टेण्डर प्रक्रिया, ठेकेदार के पंजीकरण, वित्तीय स्वीकृतियां, कार्यों की दरें आदि के सम्बन्ध में निदेर्शित किया गया कि ठेकेदारों का पंजिकरण प्रभागीय स्तर पर किया जाये। सिंगल यूज प्लास्टिक की प्रक्रिया को विभिन्न कार्यालय व वन क्षेत्रों में अपनाने के सम्बन्ध में प्रमुख वन संरक्षक द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार वन क्षेत्र में किसी भी प्रकार का पाॅलिथीन का उपयोग प्रतिबन्धित किया जाये।
इस अवसर पर वन संरक्षक गढ़वाल एनएन पांडेय, डीएमओ गढ़वाल केएस रावत, सिविल एवं सोयम सोहन लाल, डीएफओ अलकनंदा प्रभाग सर्वेश कुमार दुबे, डीएफओ बद्रीनाथ आशुतोष सिंह, रुद्रप्रयाग वैभव कुमार सिंह आदि मौजूद रहे।

