सप्तम आर्थिक गणना का शुभारम्भ जिलाधिकारी ने मोबाइल एप के माध्यम से किया
अल्मोड़ा।देवभूमि खबर। भारत सरकार के सांख्यिकीय एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय द्वारा सप्तम आर्थिक गणना सम्पादित कराने का निर्णय लिया गया है। इससे पूर्व में षष्टम आर्थिक गणना वर्ष 2013 में करायी गयी थी। प्रदेश में सप्तम आर्थिक गणना-2019 का शुभारम्भ 16 सितम्बर, 2019 को मुख्यमंत्री द्वारा किया जा चुका है। जनपद स्तर पर 25 सितम्बर, 2019 को सप्तम आर्थिक गणना का शुभारम्भ जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया द्वारा मोबाइल एप के माध्यम से प्रारम्भ किया।
जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने बताया कि सप्तम आर्थिक गणना में समस्त आर्थिक क्रियाकलापों एवं परिवारों से सूचनायें प्राप्त की जायेगी। जिसमें एक बिजनेस रजिस्ट्रर तैयार हो सकेगा। जनपद में समस्त प्रकार के आर्थिक क्रियाकलापों तथा उनमें कार्यरत् व्यक्तियों की सूचनायें प्राप्त हो सकेगी जो प्रदेश में भविष्य हेतु नीतियों का आधार बनेगा। भारत सरकार द्वारा सप्तम आर्थिक गणना-2019 में सर्वेक्षण का कार्य जनसेवा केन्द्रों (सी0एस0सी0) के माध्यम से कराया जा रहा है। सी0एस0सी0 द्वारा सप्तम आर्थिक गणना कार्य हेतु आनलाइन आवेदन पत्र प्राप्त कर परीक्षा के माध्यम से 914 प्रगणकों तथा 240 सुपरवाइजरों का चयन किया गया है, जिनके द्वारा आर्थिक गणना के सर्वेक्षण का कार्य भारत सरकार द्वारा बनाये गये मोबाइल एप के माध्यम से किया जायेगा। यह कार्य में लगभग 03 माह में किया जाना है। सर्वेक्षण का कार्य भारत सरकार के एन0एस0ओ0 के क्षेत्रीय कार्यालय के सांख्यिकीय अधिकारियों तथा अर्थ एवं संख्या विभाग के अधिकारियों के सुपरविजन में किया जायेगा।
जिलाधिकारी द्वारा समस्त सूचनायें सावधानीपूर्वक सम्मानित नागरिकों से प्राप्त करने के निर्देश दिये गये तथा नागरिकों से सही सूचनायें सर्वेक्षण को दिये जाने की अपील की है। इस पर पर मुख्य विकास अधिकारी मनुज गोयल, सहायक निबन्धक सहकारिता राजेश चैहान, अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत राजेन्द्र कठैत, अधिशासी अधिकारी नगरपालिका श्याम सुन्दर, अर्थ एवं संख्याधिकारी जी0एस0 कालाकोटी, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी मनोहर लाल, अपर संाख्यकीय अधिकारी रवि कुमार, धवल सिंह आदि उपस्थित थे।
