खुदाई में मिले मुगलकालीन सिक्के, पुरातत्वविद् ने जांच की उठाई मांग

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पौड़ी। जिले के खिर्सू ब्लॉक के कठूड़ गांव में साल 2018 को मंदिर में मिले चांदी के सिक्कों की जांच के लिए पुरातत्वविद् डॉ. यशवंत ने जिला प्रशासन से मांग की है।
मिली जानकारी के अनुसार, गांव में भैरव मंदिर निर्माण के दौरान एक घड़े के अंदर 300 से अधिक चांदी के सिक्के मिले थे। जिनके एक दिवसीय अध्ययन के बाद पता लगा कि इन सिक्कों की लिपि फारसी, आकार गोल चैकोर व आयताकार है। ग्राम प्रधान और ग्रामीणों की सहमति से गांव के पास ही भैरवनाथ मंदिर निर्माण कार्य शुरू करवाया गया था। मंदिर के पास खुदाई के दौरान 300 से अधिक चांदी के सिक्के मिलने के बाद ग्राम प्रधान और अन्य ग्रामीणों ने मिलकर इसकी सूचना जिला प्रशासन और पुरातत्व विभाग को दी थी। जिला प्रशासन की टीम ने मौके पर पहुंचकर सभी सिक्कों को अपने कब्जे में लेकर इनकी जानकारी जुटाने का प्रयास किया। .वहीं, ग्रामीणों की ओर से मांग की गई कि इन सभी सिक्कों का अध्ययन कर पूरी जानकारी जुटाई जाए। साथ ही गांव के आसपास अन्य पुरातत्व वस्तुओं के होने की संभावना है। इसके लिए भी विभाग क्षेत्र में आकर अध्ययन किया जाए। इतिहासकार व पुरातत्वविद् डॉ. यशवंत ने जिला प्रशासन से अध्ययन की अनुमति मांगी थी। इसके बाद हुए एक दिवसीय अध्ययन में सिक्कों पर उकेरी लिपि और आकार को लेकर जानकारी सामने आई कि इन सिक्कों की लिपि फारसी, आकार गोल, चैकोर व आयताकार है। जिला प्रशासन की ओर से एक अध्ययन समिति का गठन कर उन्हें एक दिन के अध्ययन की अनुमति दी। जिसमें सिक्कों की लिपि और आकार की ही जानकारी सामने आ पाई.।वहीं, क्षेत्रीय पुरातत्व अधिकारी आशीष कुमार ने बताया कि शुरुआती अध्ययन में कुछ सिक्के चांदी और कुछ ताम्र के हैं। बताया जा रहा है कि सिक्के मुगलकालीन प्रतीत हो रहे हैं। इनमें कुछ सिक्के पंवार राजाओं के भी हो सकते हैं। डॉ. जयजीत बर्तवाल ने कहा कि एक दिवसीय अध्ययन में सिक्कों पर उकेरी लिपि और आकार को लेकर जो जानकारी सामने आई है। इनमें सिक्कों की लिपि फारसी, आकार गोल, चैकोर व आयताकार है। उन्होंने कहा कि एक दिन में सिक्कों का पूरी तरह से अध्ययन कर जानकारी जुटा पाना संभव नहीं था। सिक्कों के रहस्य को पूरी तरह जानने के लिए करीब 10 दिन का समय दिया जाना चाहिए।

देवभूमि खबर