छत्रपति शिवाजी महाराज जी की 388 वी जयंती बड़े हर्षोल्लास मनाई गई

Spread the love
रुद्रपुर। कुर्मी महासभा  एवं भाईचारा एकता मंच के संयुक्त तत्वाधान में पूर्ण हिंदूस्वराज के संस्थापक छत्रपति शिवाजी महाराज जी की 388 वी जयंती बड़े हर्षोल्लास के साथ कुर्मी महासभा के जिलाध्यक्ष मनोहर लाल गंगवार के आवास पर मनाई गई।
इस अवसर पर भाईचारा एकता मंच की कार्यकारिणी बैठक का आयोजन भी किया गया। छत्रपति शिवाजी महाराज जी की जयंती के अवसर पर कुर्मी महासभा (रजि.) एवं भाईचारा एकता मंच के पदाधिकारियों व सदस्यों ने माल्यार्पण कर पुष्प अर्पित कर उनके पद चिन्हों पर चलने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर कुर्मी महासभा (रजि.)के संस्थापक/केंद्रीय अध्यक्ष सौरभ गंगवार ने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज को कौन नहीं जानता वर्ष 1674 में उन्होंने ही पश्चिम भारत में मराठा साम्राज्य की नींव रखी थी उन्होंने कई सालों तक औरंगजेब के मुगल साम्राज्य से संघर्ष किया और मुगल सेना को धूल चटाई शिवाजी महाराज की जयंती के दिन पूरा देश उन्हें याद करेगा शिवाजी महाराज का जन्म 19 फरवरी 1630 में शिवनेरी दुर्ग में हुआ था उनका पूरा नाम शिवाजी भोंसले था शिवाजी महाराज की मुगलों से पहली मुठभेड़ वर्ष 1656-57 में हुई थी बीजापुर के सुल्तान आदिलशाह की मृत्यु के बाद वहां अराजकता का माहौल पैदा हो गया था जिसका लाभ उठाते हुए मुगल बादशाह औरंगजेब ने बीजापुर पर आक्रमण कर दिया उधर शिवाजी ने भी जुन्नार नगर पर आक्रमण कर मुगलों की ढेर सारी संपत्ति और 200 घोड़ों पर कब्जा कर लिया इसके परिणामस्वरूप औरंगजेब शिवाजी से खफा हो गया जब बाद में औरंगजेब अपने पिता शाहजहां को कैद करके मुगल सम्राट बना तब तक शिवाजी ने पूरे दक्षिण में अपने पांव पसार दिए थे इस बात से औरंगजेब भी परिचित था उसने शिवाजी पर नियंत्रण रखने के उद्देश्य से अपने मामा शाइस्ता खां को दक्षिण का सूबेदार नियुक्त किया शाइस्ता खां ने अपनी 1,50,000 फौज के दम पर सूपन और चाकन के दुर्ग पर अधिकार करते हुए मावल में खूब लूटपाट की।
शिवाजी महाराज ने अपने जीवनकाल में कई बार मुगलों की सेना को मात दी थी बाद में 3 अप्रैल 1680 को शिवाजी महाराज की मृत्यु हो गई लेकिन आज भी दुनिया उनके पराक्रम और साहस को नहीं भूली है।
भाईचारा एकता मंच के केंद्रीय अध्यक्ष के.पी. गंगवार ने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज एक ऐसे राजा हुए हैं जिन्होंने पूर्ण स्वराज्य की पहली आवाज उठाई थी कुर्मी समाज को अपने समाज के ऐसे महाराजा पर गर्व है।बाद में भाईचारा एकता मंच की कार्यकारिणी की बैठक में बेला मंगल सिंह को प्रदेश महिला संयोजक एवं अंजू कौशल को प्रदेश सदस्य पद से हटाया गया।
उनके स्थान पर नीलम गुप्ता को प्रदेश महिला संयोजक नियुक्त किया गया। संगठन के संस्थापक सौरभ गंगवार एवं केंद्रीय अध्यक्ष के.पी. गंगवार ने उन्हें मनोनयन पत्र सौंपा सभी पदाधिकारी व सदस्यों ने नीलम गुप्ता का माल्यार्पण कर स्वागत किया/
इस अवसर पर मुख्य रूप से कुर्मी महासभा (रजि.) के संस्थापक/केंद्रीय अध्यक्ष सौरभ गंगवार,भाईचारा एकता मंच के केंद्रीय अध्यक्ष के.पी. गंगवार,प्रदेश संयोजक रामाधारी गंगवार,श्रीमती कमलेश गंगवार,जिला अध्यक्ष मनोहर लाल गंगवार,कृष्णपाल पाल गंगवार,भाईचारा एकता मंच की आचरण सक्सेना,नीलम गुप्ता,तारामती,हरि प्रकाश,मोहन स्वरूप गंगवार,छत्रपाल राठौर,सतपाल गंगवार,दीपक जोशी,रामपाल सिहं,सुरेंद्र कुमार शर्मा,रामदास कोहली,बाबूलाल,मुकेश कुमार,रतनलाल चंद्रा,पुनम महतो,परमजीत,निशा शर्मा,मंजू,परवीन बानो,सरस्वती,सुमिता,ममता राठौर आदि मौजूद थे।

देवभूमि खबर