उक्रांद ने सरकार से लगाई गुहार पर्वतीय क्षेत्रों के गांवों के घरों तक दवाई पहुंचाए सरकार
देहरादून।उत्तराखंड क्रान्ति दल ने पर्वतीय क्षेत्रों में आवगमन और अन्य समस्याओं से जूझ रहे गाँवों के लोगों को घर घर तक दवाई पहुंचाने की दरकार सरकार से की है।
विजय कुमार बौड़ाई,प्रवक्ता,उत्तराखंड क्रांति दल ने कहा कि उत्तराखंड में कोरोना की स्थिति बहुत ही विकट बनी हुई है ,शहरों में तो अस्पताल व दवाइयां इत्यादि मिलने से थोड़ा बहुत राहत मिल भी जा रही है हालांकि वह भी आधी अधूरी है, लेकिन पहाड़ों में तो हालत बहुत खराब है, और यदि जल्दी ध्यान नहीं दिया गया तो हालात और भी बदतर हो सकते हैं। इसलिए समय पूर्व सरकार को जाग जाना चाहिए ।प्रदेश के पर्वतीय ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना संक्रमण से भयावह होते हुए हालात से निपटने के लिए और ग्रामीणों को तुरंत बीमारी से राहत प्रदान करने के लिए बहुत जल्दी सरकार से कार्यवाही की जानी अपेक्षित है।
बौड़ाई ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य व्यवस्था अत्यधिक खराब है,और साथ ही छोटे-छोटे गांव प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों से काफी दूर हैजिससे समस्या और गंभीर हो जाती है ।जो लोग गांव से अस्पताल तक जाने में असमर्थ हैं, क्योंकि आवागमन की व्यवस्था नहीं है ,उन तक आवश्यक दवाईयां प्रदान की जानी चाहिए ।कई जगह ग्रामीण क्षेत्रों में मात्र सर्दी जुकाम बुखार की समस्याएं ही हो सकती है ,उन तक दवाईयां नही पँहुच पा रही हैं। उन तक दवाई उपलब्ध कराई जानी चाहिए, ताकि ग्रामीणों को राहत मिल सके ।अल्मोड़ा जनपद के सल्ट विधानसभा में भी हालत बदतर है ।यद्यपि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में थोड़ा बहुत व्यवस्थाएं हैं, लेकिन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों से दूर गांव में आवश्यक दवाईयां पंहुचाने पर विचार करना आवश्यक है। अभी-अभी सल्ट विधानसभा चुनाव हुआ है ,पूरी सरकार वहां लगी रही ।तमाम मंत्री विधायक ,और सांसदों का जमघट लगा रहा लेकिन चुनाव में जीतने के बाद अब वहां देखने वाला कोई नहीं है। यही हाल कमोबेश समस्त पर्वतीय क्षेत्रों का है। इसलिए तमाम पंचायतों के जनप्रतिनिधियों, स्वेच्छिक संगठनों, महिला मंगल संगठन, आशा एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के माध्यम से गांव गांव में जाकर आवश्यक दवाइयां बांटी जानी आवश्यक है, ताकि जनता को राहत मिल सके ।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड क्रांति दल सरकार से मांग करता है कि पर्वतीय क्षेत्रों में शीघ्र स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर करें तथा गांव-गांव तक आवश्यक दवाइयां बांटने का प्रबंधन किया जाए।

