गांव के अवसंरचनात्मक विकास के लिये मनरेगा बेहद लाभकारी योजना है:जिलाधिकारी

रूद्रप्रयाग ।विकास खड़ जखोली सभागार में नव निर्वाचित 05 न्याय पंचायत के 50 ग्राम प्रधानों,14 क्षेत्र पंचायत व 02 जिला पंचायत सदस्यों के अलावा मनरेगा सहायक, ग्राम विकास अधिकारी एवं ग्राम पंचायत अधिकारियों को त्रिस्तरीय पंचायत राज व्यवस्था का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण देते हुये जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल ने ग्राम प्रधानों को ग्राम सभा की खुली बैठक का औचित्य समझाया। इस अवसर पर जनपद रुद्रपयाग के खुली बैठक मोबाइल एप का ट्रायल लांच किया गया। गूगल प्ले स्टोर से खुली बैठक रुद्रप्रयाग मोबाइल एप को डाउनलोड किया जा सकता है।
जिलाधिकारी ने बताया कि खुली बैठक के माध्यम से ग्राम सभा के कार्यो की मॉनिटरिंग की जाएगी। समस्त ग्रामवासियो को बल्क एस एम एस के माध्यम से खुली बैठक की सूचना निर्धारित तिथि से पूर्व मिल जाएगी। इससे ग्राम के सभी लोग खुली बैठक में प्रतिभाग करेंगे व ग्राम की आवश्यकतानुसार योजना पर विचार विमर्श कर सकते है। खुली बैठक ऐप में अधिकारी को खुली बैठक का एजेंडा , बैठक की तिथि, बैठक की उपस्थिति, खुली बैठक के स्थान की फोटो(जियो टैगिंग) व बैठक का कार्यवृत अपलोड करना होगा । खुली बैठक में पारदर्शी तरीके से बजट को रख कर योजनाओं का चयन किया जाय। इससे ग्राम के सभी लोगो को ग्राम में होने वाले कार्यों की सम्पूर्ण जानकारी रहेगी।
इसके साथ ही बैठक में जिलाधिकारी ने ग्राम के विकास के लिये मनरेगा योजना के विस्तार से जानकारी दी। किसी भी गांव का मनरेगा बजट गांव के कुल जॉब कार्ड धारक ×100 दिवस× मजदूरी से मजदूरी बजट निकाला जा सकता है । मनरेगा बजट के दो तिहाई श्रमिक बजट होता है जिसमें 60ः40 के अनुपात में मजदूरी एवं सामाग्री पर व्यय किया जाना आवश्यक है।इस आधार पर समस्त ग्राम प्रधान अपने मनरेगा बजट के अनुरूप कार्य करा सकते है। जिलाधिकारी ने बताया कि गांव के अवसंरचनात्मक विकास के लिये मनरेगा बेहद लाभकारी योजना है।कहा कि अपने गांव के विकास के लिए सकारात्मक सोच के साथ आगे आना होगा। उन्होंने गांव के विकास में प्रधान द्वारा आवश्यक कार्यों को विस्तार से बताया। कहा कि दिक्कते कई हैं परन्तु पारदर्शिता से कार्य किया जाय तो आरोप कम लगेंगे।मनरेगा के अन्तर्गत कुल 260 प्रकार के कार्यों को किया जा सकता है। अतः योजनाओं को सही प्रकार से चुने। कहा कि स्कूल एवं आंगनवाड़ी केन्द्रों को उत्कृष्ठ बनाने पर पर विशेष ध्यान दें। उन्होंने नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों को ग्रामीणों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए भी प्रेरित करने का आह्वान किया। सीडीओ एसएस चैहान ने सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न विकास एवं जनहितकारी योजनाओं के बारे में विस्तार से बताया। प्रशिक्षण में एस डी एम एन एस नगन्याल, एपीडी रमेश कुमार, बीडीओ के एस सजवाण,तहसीलदार शालिनी मौर्य, डीपीआरओ चमन सिंह राठौर, डीएच्ओ उद्यान योगेंद्र चैधरी, के बी एस ऐ एस एस वर्मा सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे। संचालन किशन रावत ने किया।

