डीएम पौड़ी ने ली स्वामित्व योजना के कार्य प्रगति को लेकर वीडियो काॅफ्रेसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक
पौड़ी।जिलाधिकारी गढ़वाल डा0 विजय कुमार जोगदण्ड़े ने आज विकास भवन परिसर में वीसी कक्ष से संबंधित अधिकारियों के साथ स्वामित्व योजना के कार्य प्रगति को लेकर वीडियो काॅफ्रेसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक ली। उन्होंने कहा कि स्वामित्व योजना का शुभारंभ 24 अप्रैल 2020 को किया गया था। जिसमें पायलट प्रोजेक्ट के तहत उत्तरखंड के 03 जनपद पौड़ी, हरिद्वार तथा उधम सिंह नगर को शामिल किया गया है। इसके तहत ड्रोन सर्वे के आधार पर भूमि का नक्शा तैयार किया जा रहा है। कहा कि 24 अप्रैल 2021 को मा0 प्रधानमंत्री द्वारा डिजिटल के माध्यम से लाभार्थी को स्वामित्व योजना के प्रमाण पत्र वितरीत किये जाएंगे।
जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद में अभी तक सर्वे आॅफ इंडिया से 1474 नक्शे प्राप्त हो चुके हैं, जिनमें से 855 राजस्व परिषद को भेजे जा चुके हैं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि छुटे हुये नक्शों को इसी सप्ताह शनिवार तक राजस्व परिषद को भेजना सुनिश्चित करें। साथ ही उन्होंने कहा कि अंतिम रूप से जो नक्शे राजस्व परिषद से प्राप्त हो चुके हैं, उन्हें 21 दिन के नोटिस के साथ संबंधित ग्राम पंचायतों को देना सुनिश्चित करें। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि 24 अप्रैल के बाद 100 प्रतिशत ग्रामों का सर्वे एक माह के भीतर समयबद्ध तरीके से करना सुनिश्चित करें। कहा कि चाकीसैंण में 23, यमकेश्वर 105, थलीसैंण 61 तथा बीरोंखाल में 150 ग्राम सर्वे से छूटे हैं, जिसके लिये संबंधित अधिकारी पत्र लिखकर तत्काल कार्य प्रगति की जानकारी उपलब्ध करायें। उन्होंने संबंधित उप जिलाधिकारियों व तहसीलदारों को निर्देशित किया कि सर्वे के साप्ताहिक रिपोर्ट जल्द उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने जनपद में जितने नक्शे प्राप्त हुये है, उन्हें एक सप्ताह के भीतर राजस्व परिषद भेजने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिये। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया आगामी 24 अप्रैल 2021 को यमकेश्वर, रिखणीखाल तथा लैंसडाउन में डिजिटल माध्यम से प्रधानमंत्री के द्वारा लाभार्थी को स्वामित्व अभिलेख पत्र वितरण किया जाएगा, उक्त कार्यक्रम को भव्य रूप से आयोजन करने के निर्देश दिये।
इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी डा. एस. के. बरनवाल, उपजिलाधिकारी एस.एस. राणा, डीपीआरओ एम. एम. खान, तहसीलदार एच. एम. खडूड़ी सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

