देहरादून में ई-ऑफिस प्रणाली को मजबूत बनाने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित, अधिकारियों-कर्मचारियों को दिया व्यवहारिक प्रशिक्षण

देहरादून। जनपद के सभी सरकारी कार्यालयों में शासकीय कार्यों का संचालन पूर्णतः ई-ऑफिस प्रणाली के माध्यम से सुनिश्चित करने की दिशा में जिला प्रशासन ने प्रयास तेज कर दिए हैं। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान के निर्देशों के अनुपालन में बुधवार को एनआईसी सभागार, कलेक्ट्रेट देहरादून में ई-ऑफिस प्रणाली के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को ई-ऑफिस के संचालन, फाइल प्रबंधन, ऑनलाइन पत्राचार, नोटशीट तैयार करने, ई-फाइल अग्रसारण, दस्तावेजों के डिजिटलीकरण तथा अन्य महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। कार्यक्रम का उद्देश्य कार्यालयी कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी, समयबद्ध, कागजरहित और प्रभावी बनाना है।
जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने कहा कि जनपद के सभी विभागों में शासकीय कार्यों का निष्पादन ई-ऑफिस प्लेटफॉर्म के माध्यम से किया जाना सुनिश्चित किया जा रहा है। इसी उद्देश्य से अधिकारियों एवं कर्मचारियों की तकनीकी दक्षता बढ़ाने और उन्हें डिजिटल कार्यप्रणाली के प्रति प्रशिक्षित करने के लिए यह कार्यक्रम आयोजित किया गया।
प्रशिक्षण सत्र में जिला सूचना विज्ञान अधिकारी (एनआईसी) अंकुश पाण्डेय एवं ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर हरेंद्र शर्मा ने प्रतिभागियों को वर्चुअल एवं प्रत्यक्ष माध्यम से प्रशिक्षण प्रदान किया। उन्होंने ई-ऑफिस पोर्टल पर लॉगिन प्रक्रिया, ई-फाइल निर्माण, दस्तावेज अपलोड, डिजिटल हस्ताक्षर, फाइल ट्रैकिंग और ऑनलाइन अनुमोदन प्रक्रिया का व्यवहारिक प्रदर्शन भी किया तथा प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं का समाधान किया।
प्रशिक्षकों ने बताया कि ई-ऑफिस प्रणाली के माध्यम से न केवल कार्यालयी कार्य संस्कृति अधिक सुव्यवस्थित होगी, बल्कि निर्णय प्रक्रिया में भी तेजी आएगी और अभिलेखों का सुरक्षित एवं सुगम रख-रखाव सुनिश्चित होगा। उन्होंने सभी विभागों से निर्धारित समयावधि में ई-ऑफिस प्रणाली को पूर्ण रूप से अपनाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी प्रत्यक्ष एवं वर्चुअल माध्यम से जुड़े रहे। जिला प्रशासन ने बताया कि भविष्य में भी आवश्यकता के अनुसार ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि जनपद के सभी कार्यालयों में ई-ऑफिस प्रणाली का शत-प्रतिशत क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके।

