पुलिस महानिदेशक ने कमांडो और चीता पुलिस शुभारंभ
पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार ने कहा कि चमोली आपदा में शहीद हुए अपने 02 जवानों को मैं श्रद्धांजलि देता हूँ। उत्तराखण्ड एवं एस0डी0आर0एफ0 की टीम ने उत्कृष्ट कार्य किया है। एस0डी0आर0एफ0 की टीम 14 हजार फिट की ऊँचाई पर बनी झील पर भी सबसे पहले पहुँची व इसकी वस्तुस्थिति से अवगत कराया।
मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड के निर्देशन में महिला कमाण्डो हमने तैयार किया है। उत्तराखण्ड में महिलाओं को सशक्त बनाने हेतु महिला दस्ते का गठन किया गया है। उत्तराखण्ड की महिलाएं अधिकतर कार्यक्षेत्र में अग्रणी हैं। कई बड़े सामाजिक अन्दोलनों को उन्होने नेतृत्व प्रदान किया। कई राष्ट्रविरोधी तत्वों द्वारा महिलाओं का गलत उपयोग इस कारण भी महिला कमाण्डो के रूप में महिलाओं की भागीदारी आवश्यक।
18 जनवरी से 02 सप्ताह का प्री कमाण्डो कोर्स ए0टी0सी0 हरिद्वार में आयोजित किया गया। 08 फरवरी 2021 से कमाण्डो कोर्स पी0टी0सी0 नरेन्द्रनगर में प्रचलित है। अभी इन महिला कमाण्डो का 01 माह का प्रशिक्षण पूर्ण नहीं हुआ है इनको 02 माह का कठिन प्रशिक्षण पूर्ण करना है। अभी आप इन कमाण्डों का प्रदर्शन देखेंगे तो आपकी धारणा स्पष्ट हो जायेगी कि महिलाएं भी पुरूषों के समान काठन शारीरिक लक्ष्यों को पूर्ण कर सकती हैं तथा इनके प्रदर्शन की आप प्रशंसा करेंगे। इसमें ए0टी0एस0 के ट्रेनर एवं विशेष रूप से आमंत्रित ग्रैण्ड मास्टर शिफूजी शौर्य एवं श्री अनिरूद्ध (फिटनेस ट्रेनर)। यू ए सी (Unarmed Combat), Rock Climbing, Firing, Bomb Disposal, First Aid, Navigation/Map Reading , V.I.P Security एवं आतंकवाद एवं काउण्टर टेरेरिज्म आदि प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
मात्र तीन राज्यों (नागालैण्ड, केरल एवं पश्चिम बंगाल) में ही महिला कमाण्डो दस्ता है।
इस दृष्टि से उत्तराखण्ड के लिये यह गौरव की बात है कि अपेक्षाकृत छोटा राज्य होने के बाद भी एक प्रशिक्षित महिला कमाण्डो दस्ते का गठन किया गया।
महिलाओं ने सिद्ध कर दिया है कि वह पुरूषों से कम नहीं हैं, हमारी महिला कमाण्डो न केवल साथी पुलिस कर्मियों के लिये बल्कि समाज की समस्त लडकियों एवं महिलाओं के लिय रोल मॉडल बनेंगी।
चीता पुलिस यद्यपि पूर्व से कार्यरत है। किन्तु चीता पुलिस को अधिक स्मार्ट बनाने, कार्य क्षमता, कार्य दक्षता बढ़ाने के लिये प्रशिक्षण दिया गया है।
कुल 148(30 महिला व 118 पुरूष) कर्मियों को एक माह का प्रशिक्षण दिया गया है। जिसका उद्देश्य महिलाओं, वृद्धों व बच्चों के साथ होने वाले अपराधों में अंकुश, अन्य अपराध नियंत्रण, साक्ष्य संरक्षण, पैट्रोलिंग, भीड़ नियंत्रण, समुदायिक पुलिसिंग, अभिसूचना संकलन, सम्प्रेषण आदि, साम्प्रदायिक, दंगों की रोकथाम, वी0आई0पी0 सुरक्षा के प्रति संवेदनशीलता, संदिग्ध व्यक्तियों की तलाशी व पूछताछ, इसके अतिरिक्त साईबर क्राईम सीसीटीवी मॉनिटरिंग सोशल मीडिया/मीडिया प्रबन्धन फोटोग्राफी, शस्त्र प्रशिक्षण आदि का प्रशिक्षण दिया गया है।
विभागीय प्रशिक्षक, फॉरेन्सिक साइंस विशेषज्ञ अभियोजन विभाग के विशेषज्ञ, साईबर विशेषज्ञ, चीता कर्मी की वर्दी, बॉडी वार्न कैमरा, टैक्टिकल बैल्ट, शॉर्ट रेंज आर्मस, हाई एंकल बूट, कॉम्बेट ड्रेस आदि ।
महिला पुलिस कार्मिकों के कमाण्डो एवं चीता पुलिस दस्ते के गठन से राज्य की महिलाओं में पुलिस के प्रति विश्वास एवं मनोबल बढ़ेगा तथा वह अपनी परेशानियों को महिला पुलिस से साझा कर सकेंगी तथा महिला अपराधों को नियंत्रित किया जा सकेगा।
देहरादून में 02 स्मार्ट बैरिक बनाये गये हैं जिसका उद्देश्य पुलिस कर्मियों के रहन-सहन को सुविधापूर्ण करना, ड्यूटी हेतु उपलब्धता की सुनिश्चितता, आपसी सामंजस्य बेहतर, कार्यक्षमता व कार्यदक्षता में वृद्धि करना है।
उत्तराखण्ड में 80 प्रतिशत से अधिक सड़क दुर्घटनाएं एवं मृत्यु राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों पर।
राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों की लम्बाई 2954 किमी, उक्त पर पैट्रोलिंग पर वाहनों की आवश्यकता, माननीय मुख्यमंत्री महोदय द्वारा पुलिस मुख्यालय में सम्पन्न बैठक में 100 वाहन देने की सहमति।
मैं इसके लिये माननीय मुख्यमंत्री महोदय का आभार व्यक्त करता हूँ तथा हमें आशा एवं पूर्ण विश्वास है कि माननीय मुख्यमंत्री महोदय द्वारा हाइवे पैट्रोल हेतु शीघ्रातिशीघ्र वाहन उपलब्ध कराये जायेंगे।
हाई-वे पेट्रोल यूनिट के गठन से राजमार्गों पर पुलिस की मोबेलिटी बढ़ेगी तथा रिसपांस टाइम अच्छा होगा जिससे राजमार्गों पर होने वाले दुर्घटनाओं की रोकथाम होगी साथ ही दुर्घटना होने की स्थिति में घायलों को तत्काल सहायता व उपचार भी प्राप्त हो सकेगा ।
अंत मे मैं मा0 मुख्यमंत्री महोदय का आभार व्यक्त करता हूँ कि उनके द्वारा अपने व्यस्ततम समय में से इस कार्यक्रम को अपना बहुमूल्य समय दिया गया

