आरक्षण पर नाराज ओबीसी कर्मचारियों ने आज राजधानी दून की सड़कों पर उतर कर जोरदार प्रदर्शन किया

देहरादून। देश की सर्वोच्च अदालत के फैसले के बाद भी आरक्षण को लेकर चला आ रहा विवाद खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। न्यायालय का निर्णय आने के एक सप्ताह बाद भी सरकार द्वारा इस मामले में कोई शासनादेश जारी न किये जाने से नाराज ओबीसी कर्मचारियों ने आज राजधानी दून की सड़कों पर उतर कर जोरदार प्रदर्शन किया और सरकार को चेतावनी दी कि अगर वह शीघ्र ही प्रमोशन में आरक्षण पर रोक लगाती है और डीपीसी में लगी रोक को नहीं हटाती है तो राज्य के ओबीसी कर्मचारी आगामी 20 फरवरी से अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार शुरू कर देंगे।
उल्लेखनीय है कि जनरल ओबीसी कर्मचारी यूनियन द्वारा इस मुद्दे पर आज एक दिन के कार्य बहिष्कार और सचिवालय कूच का ऐलान किया गया था। जिसके तहत आज राज्य के सभी जनपद व ब्लाक मुख्यालयों पर इन कर्मचारियों द्वारा विरोध प्रदर्शन किया गया। राजधानी दून में भी हजारों की संख्या में कर्मचारी आज परेड ग्रांउड में जमा हुए जहंा उन्होने सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया।
यहंा से यह कर्मचारी जब सचिवालय कूच के लिए निकले तो पुलिस द्वारा सुभाष रोड पर इन्हे बेैरिकेटिंग लगाकर रोक दिया गया। आगे नहीं बढ़ने देने पर यह कर्मचारी सड़क पर ही बैठ गये और सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करने लगे। कर्मचारियों की मांग थी कि मुख्य सचिव खुद आकर उनकी बात सुने। उनका कहना है कि सरकार उच्चतम न्यायालय के आदेशों का अनुपालन करे तथा प्रमोशन में आरक्षण की व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से समाप्त करने के संदर्भ में शासनादेश जारी करे वहीं डीपीसी पर लगी रोक हटाये।
इन कर्मचारियोें ने सरकार को चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने उनकी बात नहीं मानी तो वह अपना आंदोलन तेज करेंगे तथा 20 फरवरी से अनिश्चिकालीन कार्य बहिष्कार करने पर विवश होगें। उनका कहना है कि सरकार इस मुद्दे पर चुप्पी साधे हुए है तथा कर्मचारी हित के इस मुद्दे पर अपने राजनीतिक लाभ हानि का गणित लगाने में जुटी है। राज्य में सवा लाख से अधिक कर्मचारियों के कार्य बहिष्कार के कारण आज तमाम विभागों में काम काज बुरी तरह प्रभावित हुआ है।

