श्रीनगर विधानसभा के लगभग सभी गांवों को सड़क से जोड़ा जाएगा:. डा. धन सिंह रावत

श्रीनगर विधानसभा के लगभग सभी गांवों को सड़क से जोड़ा जाएगा:.  डा. धन सिंह रावत
Spread the love

पौड़ीप्रदेश के सहकारिता, प्रोटोकाॅल तथा उच्च शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डा. धन सिंह रावत ने थलीसैंण और पाबौ ब्लाक के विभिन्न विद्यालयों में चटाई मुक्त अभियान के तहत फर्नीचर वितरित किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में सरकार ने कई उत्कृष्ट कार्य किये हैं। उनकी विधानसभा में अधिकतर विद्यालयों को चटाई मुक्त कर शत प्रतिशत फर्नीचर से लैस कर दिया गया है। यही नहीं प्रदेश में भी विद्यालयों को फर्नीचर और अन्य आधुनिक सुविधाएं मुहैया करायी जा रही हैं। उन्होंने सरकार द्वारा विकास के संकल्प को पुनः दोहराया। अपने दो दिवसीय भ्रमण कार्यक्रम के पहले दिन उच्च शिक्षा मंत्री डा0 रावत ने राजकीय इंटर कालेज मौजखाल से अपने कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया। उन्होंने विद्यालय विद्यालय में चटाई मुक्त अभियान के अन्तर्गत फर्नीचर वितरण किया। उन्होंने मौजखाल क्षेत्र के नौला तथा भैंसोड़ा में जनसम्पर्क कर लोगों की विभिन्न समस्याओं से रूबरू हुए। उन्होंने कहा कि श्रीनगर विधानसभा के लगभग सभी गांवों को सड़क से जोड़ा जाएगा। इसके अलावा हर घर नल और हर नल में जल योजना के अन्तर्गत भी सभी गांवों को पेयजल सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। अपने निर्धारित कार्यक्रम के अन्तर्गत डा0 रावत अपराह्न 12.10 बजे राजकीय इंटर कालेज टीला में फर्नीचर वितरण तथा विधायक निधि से स्वीकृत पंचायत भवन का शिलान्यास कर अपराह्न 13.15 बजे स्थान स्योली मल्ली में जिला सहकारी बैंक/नाबार्ड द्वारा आयोजित डिजिटल गोष्ठी में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे। उन्होंने कहा कि सरकार ने सहकारिता के क्षेत्र में कई बेहतरीन कार्य किये। कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में महिला समूहों को सशक्त करने में सहकारी बैंक ने अग्रणी भूमिका निभायी है। उन्होंने महिलाओं को घर गांवों में ही अचार आदि उत्पादों को तैयार कर समूहों को और अधिक सशक्त करने पर जोर दिया। इसके बाद वे राजकीय इंटर कालेज खंड मल्ला पहुंचे। जहां उन्होंने विद्यालय के कक्षा कक्षों का शिलान्यास व फर्नीचर वितरण किया। कार्यक्रम के अनुसार उन्होंने स्योली तल्ली में राजकीय इंटर कालेज में फर्नीचर वितरण करने के उपरान्त जिला सहकारी बैंक/नाबार्ड द्वारा आयोजित डिजिटल गोष्ठी में प्रतिभा किया। जहां उन्होंने एक बार फिर से उत्तराखंड के पहाड़ी जिलों की आजीविका को सशक्त करने में समूहों की भूमिका को अहम बताया। उन्होंने कहा कि सहकारिता से ही पलायन पर भी अंकुश लगाया जा सकता है। कहा कि जमीनी स्तर से ही लोगों की आजीविका का साधन सशक्त होगा तो उनका जीवन स्तर और बेहतर हो पाएगा। इसके लिए उन्होंने सभी लोगों से समूहों में एकजुट होकर कार्य करने का आव्हान किया। कहा कि समूहों को हर प्रकार के कार्य करने के लिए सरकार की ओर से हर प्रकार की सहायता मुहैया करायी जा रही है। यही नहीं समूह होम स्टे जैसी योजनओं से जुड़कर भी ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार की संभावनाओं को नया आयाम दे सकते हैं।

देवभूमि खबर

Related articles